जाखल। एक तरफ तो देश में स्वच्छ भारत मुहिम चलाई जा रही है वहीं कुछ ऐसे स्कूल भी हैं जहां पर शौचालय तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री स्कूल सौंदर्यीकरण योजना में पहला स्थान हासिल कर चुके जाखल मंडी के राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को शौचालय तक की सुविधा नहीं मिल रही है। इस कारण विद्यार्थियों को खुले में शौच जाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों ने इस समस्या को लेकर रोष जताया है। उन्होंने स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत पत्र देकर समस्या के समाधान की मांग की है। वहीं स्कूल प्रशासन के मुताबिक वह इस बारे शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों व सरकार के उच्चाधिकारियों तक मांग पत्र भेज चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कोई भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
स्कूल के विद्यार्थी राजेंद्र कुमार, मनदीप सिंह, अजय कुमार, गुरमीत सिंह, बलविंदर सिंह, तुषार, यादवीर, सिमरन, लखविंदर, लवली, हंसराज, प्रदीप, जीवन, रमन, अमन, मोहित, संदीप, दविंदर ने दी शिकायत में बताया शौचालय जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जो शौचालय स्कूल में बने हुए हैं वह अत्यंत जर्जर हो चुके हैं व खस्ता हालत में है वहां पर शौचालय जाना संभव नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरन खुले में शौच जाना पड़ रहा है।
विभाग के अलावा उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं मांग
स्कूल प्राचार्य धर्मेंद्र ढ़ांडा ने कहा शौचालय न होने के कारण बच्चे खुले में शौच करने जाते हैं। वह इस बारे में तीन सालों से शिक्षा विभाग के पास मांग पत्र भेज चुके हैं। सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्तायुक्त शिक्षा विभाग को भी मांग पत्र की कॉपियां भेज चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
स्कूल की मांग उच्चाधिकारियों को भेजी
खंड शिक्षा अधिकारी हुकम चंद शर्मा ने कहा कि स्कूल की मांग पत्र को डीईओ के पास भेज दिया गया था। जिसके बाद इस मामले में उच्चाधिकारियों द्वारा ही कार्रवाई की जानी है।
खंड शिक्षा कार्यालय दोबारा से भेज सकता है मांग
जिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने कहा कि शौचालय सुविधा होना प्राथमिकता है। शौचालय बनवाने के लिए अगर स्कूल अथवा बीईओ कार्यालय से कोई मांग पत्र भेजा गया है तो वह दोबारा से मंगवा लिया जाएगा और जल्द ही स्कूल में शौचालयों की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करूंगा : डीसी
ये मामला मेरे संज्ञान में नहीं था। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात करूंगा और विद्यार्थियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जल्द ही उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
- धीरेंद्र खड़गटा, जिला उपायुक्त, फतेहाबाद।