पंचायत घर का निर्माण कार्य चलता हुआ। संवाद
टोहाना। पूर्व पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली के ड्रीम प्रोजेक्ट पंचायतघर का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। ठेकेदार ने अब विभाग को पत्र लिखकर परियोजना पूरी करने के लिए एक साल की एक्सटेंशन मांगी है। पंचायत विभाग ने इस पत्र को आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दिया है।
इस कार्य को दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन विभिन्न कारणों से इसका काम प्रभावित हुआ। इसमें पेड़ बचाओ आंदोलन, ठेकेदार द्वारा कुछ महीनों के लिए काम रोकना और अन्य तकनीकी रुकावटें शामिल हैं। इन सब कारणों से इसमें लगभग सात महीने का विलंब हो गया।
पंचायत विभाग के एसडीओ करमचंद ने बताया कि सामाजिक संस्थाओं द्वारा पेड़ बचाओ आंदोलन के दौरान और निजी कारणों से ठेकेदार ने कार्य कुछ समय के लिए रोक दिया। विभाग ने अब ठेकेदार द्वारा मांगी गई एक्सटेंशन को आगामी कार्रवाई के लिए सरकार को भेज दिया है।
ठेकेदार पर लगा था 1.40 करोड़ का जुर्माना
काम बंद होने के कारण विभाग ने दो सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ठेकेदार पर करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यह प्रोजेक्ट करीब डेढ़ साल पहले 18 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुआ था और इसे दो साल में पूरा किया जाना था। काम बंद होने के बाद विभाग ने इस फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी कर ली थी।