फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) अनीता बाई ने शनिवार को रतिया खंड के सात विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों में साफ-सफाई, जर्जर भवनों की स्थिति, पेयजल, शौचालय, मिड-डे मील, स्मार्ट बोर्ड, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, खेल मैदान और विद्यालय अनुदान के उपयोग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
इस दौरान कुछ विद्यालयों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर स्कूल प्रभारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। डीईईओ ने निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक पाठशाला शेखूपुर सोतर, मुंशीवाली, रायपुर, ढाणी रायपुर, पांडरी, हंसगा, गुरुसर तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हंसगा और गुरुसर का दौरा किया। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेने के साथ रिकॉर्ड भी जांचा और कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रतिया क्षेत्र में पूर्व में बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी है इसलिए स्कूल मुखिया भवनों की छतों, वर्षा जल निकासी और परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करें। जहां भी जर्जर भवन या कमरे हैं वहां आवश्यक कार्रवाई कर विद्यार्थियों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
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मिड-डे-मील भी जांचा
निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और स्वच्छता की भी जांच की गई। डीईईओ ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके अलावा विद्यालयों में उपलब्ध ग्रांट के उपयोग और उससे संबंधित अभिलेखों की भी समीक्षा की गई ताकि सरकारी धन का पारदर्शी एवं नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्कूल प्रभारियों, शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों तथा उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों से भी चर्चा कर विद्यालयों की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली।
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विद्यालयों में सुरक्षित एवं अनुशासित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने, शिक्षकों की दैनिक डायरी नियमित भरने, एमआईएस डेटा और छात्रवृत्ति संबंधी रिकॉर्ड समय पर अपडेट करने तथा विद्यार्थियों के बैंक खातों का सत्यापन और अद्यतन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी