वार्ड 12 में निरीक्षण के दौरान बहस करते नगर पालिका प्रधान प्रतिनिधि महेश खन्ना व वार्ड पार्षद
रतिया। वार्ड 12 में वीरवार को निरीक्षण करने पहुंचे नगर पालिका प्रधान प्रतिनिधि महेश खन्ना व उपप्रधान जोगिंदर नंदा की वार्ड के पार्षद सतपाल के साथ बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि अगर वार्डवासी बीच-बीच बचाव नहीं करते तो दोनों पक्षों में हाथापाई हो जाती। वार्डवासियों ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से भेज दिया।
रिकॉर्ड अवलोकन और विकास कार्यों में भेदभाव व भ्रष्टाचार का आरोप लगा पार्षद नगर पालिका में धरने पर बैठे हैं। वार्ड में निर्माण कार्य करवाने के लिए गलियों का निरीक्षण करने के लिए उपप्रधान जोगिंदर नंदा, प्रधान प्रतिनिधि महेश खन्ना अपने समर्थक पार्षदों के साथ वार्ड 12 में पहुंचे।
इस दौरान वार्ड के पूर्व पार्षद ईश्वर, महेंद्र व कॉलोनीवासियों ने उनके समक्ष वार्ड में पिछले 3 साल से कोई भी विकास कार्य न होने की बात कही। जिस पर उपप्रधान नंदा, प्रधान प्रतिनिधि महेश खन्ना ने उन्हें आश्वासन दिया कि जल्द ही वार्ड में गलियों का निर्माण करवाया जाएगा। वहीं धरने पर बैठे वार्ड के पार्षद सतपाल को जब वार्ड में उनके विरोधियों के पहुंचने की जानकारी लगी तो वह अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। इस दौरान दोनों पक्षों में किसी बात पर बहस हो गई।
मामला बढ़ता देखकर कॉलोनीवासियों ने दोनों पक्षों को समझाकर वहां से भेज दिया। उपप्रधान नंदा ने बताया कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से पूर्व पार्षद ईश्वर व अन्य कॉलोनीवासी विकास कार्य न होने के बारे में बुला रहे थे। इस कारण ही वह कॉलोनीवासियों के बुलावे पर वे वार्ड में निरीक्षण करने पहुंचे, जहां पार्षद सतपाल ने आकर बेवजह बहस करनी शुरू कर दी।
गुमराह करने का लगाया आरोप
वार्ड 12 पार्षद सतपाल ने आरोप लगाया कि 3 वर्ष पूर्व गलियों के निर्माण कार्य में गड़बड़ी की जांच की मांग पर वह धरने पर बैठे हैं। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि ईश्वर व उपप्रधान जोगिंदर नंदा, प्रधान प्रतिनिधि महेश खन्ना उस पर दबाब बनाने को लेकर वार्डवासियों को गुमराह कर रहे थे। मौके पर पहुंचकर जब उनके वार्ड में विकास कार्य कराने में अड़ंगा लगाने की बात कही तो वे बिफर गए और बहस करने लगे।