फतेहाबाद। शहर के 27 वार्डों की कॉलोनियों को पहचान नहीं मिल पा रही है। नगर परिषद ने जिस एजेंसी को साइन बोर्ड लगाने का ठेका दिया था, उसने काम डेडलाइन बीतने के करीब दो माह बाद भी काम पूरा नहीं किया है। हालात ये है कि शहर के अधिकतर वार्डों में साइन बोर्ड नहीं लगे है, अगर कहीं लगे है तो वहां पर गली नंबर और कॉलोनी नाम के स्टीकर बोर्ड पर नहीं लगे हैं।
नगर परिषद की बैठक में पार्षदों के हंगामा करने बाद वीरवार को प्रबंधन ने एजेंसी को नोटिस जारी किया है। इसमें एजेंसी को चेतावनी दी गई है कि नोटिस का जवाब दे नहीं तो ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। नगर परिषद ने एजेंसी को इस कार्य के लिए 30 लाख 22 हजार रुपये में ठेका दिया हुआ है।
एजेंसी को उक्त काम सितंबर माह में काम पूरा करना था। नगर परिषद की हाउस बैठक के अगले दिन ही अधिकारी सक्रिय हो गए हैं, ठेकेदारों के खिलाफ भी पार्षदों ने हंगामा किया था और अब कितने ठेकेदारों पर कार्रवाई हुई को लेकर जवाब मांगा था। संवाद
-
गली उखाड़कर छोड़ी, ठेकेदारों को नोटिस जारी
शहर में नई गली के निर्माण के लिए उखाड़कर छोड़ने के मामलों में नगर परिषद प्रशासन ने एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। पार्षद मोहन लाल नारंग, चंद्रभान वधवा, रमेश गिल्होत्रा, निलांशी शर्मा ने मुद्दा उठाया था कि ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं और गलियों को उखाड़कर छोड़ दिया है। इस पर नगर परिषद प्रबंधन ने 10 ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
-
नगर परिषद में गेट पर बना हेल्प डेस्क
पार्षदों की मांग पर वीरवार को पहली बार नगर परिषद कार्यालय में हेल्प डेस्क की शुरुआत हो गई है। गेट पर नगर परिषद ने हेल्प डेस्क बनाया है। यहां से लोग प्रॉपर्टी आईडी, गृहकर व अन्य कामों के बारे में जानकारी ले सकेंगे। पार्षदों ने कहा था कि नगर परिषद में बिचौलिये सक्रिय हैं और प्रॉपर्टी आईडी के नाम पर खेल चल रहा है।
-
जेई करेंगे पार्षदों के एस्टीमेट का भौतिक सत्यापन
नगर परिषद हाउस की बैठक में पार्षदों के दिए गए एजेंडों के एस्टीमेट बनाने के निर्देश जेई और तकनीकी विशेषज्ञों को परिषद अभियंता ने दिए हैं। ये अधिकारी भौतिक सत्यापन करके कामों का एस्टीमेट बनाएंगे। पार्षदों से तीन-तीन कामों के एस्टीमेट मांगे गए थे लेकिन कई ने 10-10 दे दिए हैं। यहां तक एक पार्षद ने तो 50 बैंचों की भी डिमांड कर डाली है।
-
पार्षदों ने जो एजेंडे दिए हैं उनके एस्टीमेट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गलियों का निर्माण जहां रुका हुआ है उसे भी जल्द शुरू करवाया जाएगा। इसको लेकर ठेकेदारों को नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।
-नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद