फतेहाबाद। नशे को लेकर जिला सुर्खियों में है। यहां पर युवाओं के साथ-साथ बच्चे और महिलाएं भी नशे की चपेट में आ चुकी हैं। नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को मुक्ति दिलवाने के लिए नागरिक अस्पताल में मई 2018 में नशा मुक्ति केंद्र की शुरुआत की गई। नशा मुक्ति केंद्र शुरुआत में 20 बेड से शुरू हुआ था, लेकिन अब हालात ये हैं कि 10 बेड की मंजूरी के साथ ही नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। जबकि यहां पर 34 मरीज दाखिल हैं।
नशा मुक्ति केंद्र को चलाने के लिए विभाग को पॉलीक्लीनिक के साथ-साथ फील्ड से स्टाफ नर्स की व्यवस्था करनी पड़ रही है। यहां तक कि नशा मुक्ति केंद्र में एक भी काउंसलर नहीं है। जबकि दवा के साथ-साथ मरीज की काउंसिलिंग जरूरी है। करीब 28 दिनों तक मरीज का यहां पर उपचार चलता है।
चाहिए पांच काउंसलर और एक भी नहीं
नशा मुक्ति केंद्र को व्यवस्था चलाने के लिए करीब पांच काउंसलर की जरूरत है ताकि यहां पर दाखिल मरीजों की काउंसिलिंग हो पाए, लेकिन यहां पर एक भी नहीं है। ऐसे में यहां पर दाखिल होने वाले मरीजों की काउंसिलिंग तक नहीं हो पा रही है।
हेरोइन, चूरापोस्त और मेडिकल नशे की चपेट में सबसे ज्यादा
युवा सबसे ज्यादा हेरोइन, चूरापोस्त और मेडिकल नशे की चपेट में आ रहे है। हेरोइन और चूरापोस्त का नशा युवा कर रहे है और शरीर को इसकी लत भी लग चुकी है। करीब 60 फीसदी मरीज ऐसे है जो कि हेरोइन का ही नशा ले रहे हैं।
महिलाएं और बच्चे भी बन रहे नशेड़ी
नशे की चपेट में युवाओं के साथ-साथ महिलाएं और बच्चे भी हैं। महिलाएं तस्करी के साथ-साथ खुद भी नशा ले रही हैं। इसके अलावा 14 से 15 साल के बच्चे भी नशा कर रहे हैं।
नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल हुए मरीजों की स्थिति
मई 2018 से फरवरी 2022 तक दाखिल हुए मरीज - 893
नशा छोड़ने वाले मरीजों की ओपीडी - 25 से 30
नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना दाखिल हो रहे मरीज - 3 से 4
पुलिस 30 मरीज करवा चुकी दाखिल, यहां काउंसलर तक नहीं
पुलिस विभाग की तरफ से गांव गोद लिए गए हैं। यहां पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान कई युवा नशा छोड़ने के लिए तैयार भी हुए। करीब 30 मरीजों को यहां पर दाखिल करवाया जा चुका है। अहम बात यह है कि यहां पर काउंसलर तक नहीं है जबकि वह जरूरी है।
- सुंदर मुसाफिर, इंचार्ज, नशा मुक्ति टीम
नशा मुक्ति केंद्र की मंजूरी 10 बेड की है। केंद्र में करीब 34 मरीज दाखिल है। मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जा रहा है। पॉलीक्लीनिक व अन्य केंद्र के स्टाफ नर्स की यहां पर ड्यूटी लगा रखी है। सिविल सर्जन की नियुक्ति होने के बाद नशा मुक्ति केंद्र के बेड की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
- डॉ. गिरीश, नोडल अधिकारी, नशा मुक्ति केंद्र