फतेहाबाद। जिले में रविवार से फसल अवशेष जलाने वालों पर प्रशासन एफआईआर दर्ज कराएगा। कृषि विभाग की ओर से गांवों में नियुक्त नोडल अधिकारियों को इस बारे में आदेश दे दिए गए हैं।
हालांकि, 15 सितंबर से लेकर 18 अक्तूबर तक पराली जलाने वालों पर सिर्फ जुर्माना ही लगाया जाएगा, लेकिन अब आगे से एफआईआर के आदेश लागू रहेंगे। बता दें कि जिले में 15 सितंबर से लेकर 18 अक्तूबर की रात तक हरसैक की ओर से 36 फायर लोकेशन भेजी गई हैं।
इनमें से 20 स्थानों पर फसल अवशेष जलने की पुष्टि हो चुकी है। 17 किसानों पर 40 हजार रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। शनिवार को जिले के गांव खासा पठाना और नहला में दो जगहों पर फायर लोकेशन मिली है, जिनकी रविवार को कृषि विभाग की टीम जांच करने जाएगी।
लगातार बढ़ रहा प्रदूषण का स्तर
जिले में फसल अवशेष जलने के कारण लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है। शनिवार को जिले का एक्यूआई 293 दर्ज किया गया है, जबकि शुक्रवार को एक्यूआई 242 था। रात के अंधेरे के साथ-साथ दिन में भी किसान पराली को आग के हवाले कर रहे हैं। हालांकि, पिछले तीन-चार सालों से लगातार चलाए गए जागरूकता अभियान का कुछ असर किसानों पर जरूर हुआ है। इस कारण पराली जलाने के मामले पहले से कम हुए हैं। फसल अवशेष प्रबंधन करने वाले किसानों को कृषि विभाग की ओर से एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जा रहे हैं।
एक एकड़ में पराली प्रबंधन का कुल खर्च 4000 के करीब होता है। ऐसे में पराली किसानों पराली प्रबंधन करने के लिए पहले कृषि यंत्रों का इंतजार करना पड़ता है और उसके पराली के लिए खरीदारों का इंतजार करना पड़ रहा है।
- सुशील कुमार,गांव एमपी रोही
मुझे पराली प्रबंधन के लिए 5 एकड़ धान की पराली की गांठ बनवानी है, जिसके लिए मुझे पिछले 20 दिनों से कृषि यंत्र नहीं मिल रहे हैं। बुधवार को मेरी नहरी पानी की बारी है। ऐसे में अगर खेत खाली नहीं होगा, तो खेत की सिंचाई नहीं हो पाएगी। सरकार को किसानों को कृषि यंत्र देने के साथ-साथ पराली की खरीद करनी भी करनी चाहिए।
- सुमित कुमार, गांव एमपी रोही
पराली जलाने वालों पर एफआईआर दर्ज करवाने के लिए गांवों में बनाए गए नोडल अधिकारियों को आदेश दे दिए हैं। प्रदेश सरकार के आदेशों का सख्ती से पालन करवाया जाएगा। किसानों को लगातार जागरूक भी कर रहे हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
अब जिले में फसल अवशेष में आग लगाने वाले किसानों पर प्रशासन एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। इसके साथ ही दो साल के लिए उनकी फसल भी एमएसपी पर नहीं खरीदी जाएगी। अब तक जो किसान पराली जला चुके हैं, उन पर सिर्फ जुर्माना ही होगा, अन्य कुछ नहीं।
- मनदीप कौर, डीसी, फतेहाबाद