नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ.मनीष बंसल खुद मरीज की जांच करते हुए
फतेहाबाद। सड़क दुर्घटना में घायल उपचार के अभाव में दम न तोड़ सके, इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग जल्द नई योजना लेकर आ रहा है। घायल को 72 घंटे के लिए निजी अस्पताल में कैशलेस उपचार मिलेगा। ये सुविधा आयुष्मान पैनल में शामिल अस्पतालों में मिल सकेगी। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने की है।
डॉ. बंसल शनिवार शाम को नागरिक अस्पताल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य महानिदेशक ने कहा कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु दर को कम करने के लिए ये कदम उठाया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल को समय पर जांच व उपचार न मिलने से मौत हो जाती है। डॉ. बंसल ने अस्पताल में पीपीपी योजना के तहत चल रहे डायलिसिस केंद्र का भी निरीक्षण किया। यहां उपचार ले रहे मरीजों से फीडबैक लिया। डॉ. बंसल ने कहा कि केंद्र में अब सभी श्रेणी के मरीजों को सुविधा निशुल्क मिलेगी।
स्वास्थ्य महानिदेशक बंसल ने नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया और मरीजों से फीडबैक लिया। डॉ. बंसल ने खुद भी मरीजों की जांच की। इस दौरान एसएमओ डॉ. बुधराम, मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश, डॉ. गुंजन बंसल, रेडियोग्राफर सतपाल, सुपरवाइजर गोपाल बंसल, सत्यप्रकाश मौजूद रहे। डॉ. बंसल ने एसएमओ को निर्देश दिए कि चिकित्सकों के जो पद खाली है उसकी डिमांड भेजें। बंसल ने अधिकारियों को अस्पताल में सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मरीज रेफर करते समय दस्तावेज पर कारण भी लिखें।
ब्लड बैंक गबन मामले के डीजी ने सीएमओ से मांगी रिपोर्ट
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में हुए करीब 32 लाख रुपये के गबन मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र से जांच रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग मामले में 6 साल तक रिकॉर्ड की जांच न करके लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई करेगा। इसकी पुष्टि स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल ने नागरिक अस्पताल में निरीक्षण के दौरान की है। डॉ. बंसल ने कहा कि ये गंभीर मामला है और किसी को इसमें बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पहले जांच रिपोर्ट देखी जाएगी और इसके बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी। संवाद