टोहाना/जाखल/रतिया। धान खरीद और उठान में तेजी लाने के लिए उपायुक्त डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को टोहाना, जाखल, धारसूल और रतिया की अनाज मंडियों का निरीक्षण किया। रतिया मंडी में उठान की धीमी गति पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई।
उन्होंने खरीद एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को उठान ठेकेदारों के कामकाज की सुबह-शाम निगरानी करने तथा मंडियों में खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीसी ने मंडियों में धान की आवक, खरीद प्रक्रिया, गेट पास जारी करने और परिवहन व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने किसानों से बातचीत कर खरीद में आ रही समस्याओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि उठान में देरी से मंडियों में धान का अनावश्यक जमाव होता है और नई फसल की आवक प्रभावित होती है इसलिए खरीदे गए धान का समय पर उठान किया जाए और परिवहन के लिए पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
डीसी ने गेट पास जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मंडी में फसल की आवक दर्ज करने से लेकर गेट पास जारी करने और खरीद तक सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार और पारदर्शी ढंग से पूरी की जाएं।
किसानों को फसल मंडी में लाने, गेट पास बनवाने और खरीद के दौरान अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। इसके लिए उचित प्रबंध किए जाएं। टोहाना में शैलर एसोसिएशन के चेयरमैन जसपाल बंसल और अनाज मंडी प्रधान रोशन सैनी ने भी अपने संगठन की मांगें रखीं।
निरीक्षण के दौरान टोहाना के एसडीएम आकाश शर्मा, रतिया के एसडीएम सुरेंद्र सिंह, आरटीए संजय बिश्नोई, डीएफएससी कुशल बूरा, मार्केट कमेटी सचिव ओमप्रकाश चहल, मार्केट कमेटी प्रधान राजकुमार मेहता, उपप्रधान कुलवंत सिंह, व्यापार मंडल प्रधान दर्शन गर्ग, हैफेड की खरीद अधिकारी अनीता राठी, संदीप सिंह और नरेश सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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उठान ठेकेदारों के कामकाज की होगी निगरानी
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठान कार्य में लगे ठेकेदारों के कामकाज की सुबह और शाम नियमित निगरानी की जाए। जहां भी रुकावट सामने आए उसे तत्काल दूर किया जाए। खरीद एजेंसियां, मार्केट कमेटी और उठान से जुड़े विभाग आपसी तालमेल से काम करें। उठान में देरी के कारण किसानों को फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े।
निर्धारित नियमों के अनुसार होगी धान की खरीद
जाखल मंडी में डीसी ने किसानों से बातचीत के दौरान कहा कि धान की खरीद सरकार के निर्धारित नियमों और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार की जाएगी। यदि किसी किसान की प्रति एकड़ पैदावार निर्धारित औसत से अधिक है तो वह संबंधित मंडी सचिव को लिखित आवेदन दे सकता है। इसके बाद नियमानुसार सत्यापन कर अतिरिक्त उपज की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने ऐसे मामलों का समय पर निपटारा करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को परेशानी न हो।