फतेहाबाद। स्थानी बाल भवन में ग्रीष्मकालीन समर कैंप के समापन अवसर पर बच्चों को सम्मानित करती हरि?
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फतेहाबाद। बच्चे आने वाला कल एवं देश के भविष्य है। ये देश के भावी कर्णधार है। बच्चों को ऐसी परवरिश दें कि वे आगे बढक़र राष्ट्र के नव निर्माण में अहम भूमिका निभाए। यह बात हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ की मानद महासचिव रंजीता मेहता ने सोमवार को बाल भवन में आयोजित किए जा रहे ग्रीष्मकालीन समर कैंप के समापन अवसर पर कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि कही।
उन्होंने कहा कि बच्चों को भारतीय संस्कृति व प्रदेश की परंपरा से अवगत करवाते हुए उनमें देशभक्ति का जज्बा पैदा करें। इससे पहले मुख्यातिथि मानद महासचिव रंजीता मेहता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ की मानद महासचिव रंजीता मेहता ने कहा कि समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन में और ज्यादा निखार लाना है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि समर कैंप एक जून से 27 जून तक प्रदेश के सभी जिलों में आयोजित किए गए है। बाल कल्याण परिषद द्वारा इस दौरान विभिन्न प्रकार की गतिविधियां डांस कक्षाएं, मेहन्दी कक्षाएं, कंप्यूटर ट्रेनिंग कक्षाएं, जूडो कराटे, आर्ट एंड क्राफ्ट इत्यादि के लगभग 200 बच्चों को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। बाल भवन में मूकबधिर क्लास के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बाल भवन में बच्चों के लिए ये क्लास दोबारा शुरू की जाएगी। नियमों अनुसार स्पेशल अध्यापकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह एक समाज उत्थान का विषय है और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का मानना है कि समाज के हर वर्ग तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पतालों में भी आने वाले मरीजों के बच्चों के लिए भी डे केयर सेंटर खोलना उनकी प्राथमिकता रहेंगी। इस संबंध में उपायुक्त व सीएमओ से विचार विमर्श कर डे केयर सेंटर खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्यक्रम के समापन अवसर पर हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ की मानद महासचिव रंजीता मेहता ने बच्चों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर मंडल बाल कल्याण अधिकारी कमलेश चाहर, जिला बाल कल्याण अधिकारी जगदीश कुमार, नप पूर्व चेयरमैन जुगलाल टूटेजा, कुमारी शिवानी जिंदल, संजीत, हरबंस लाल सेठी, ईश्वर देवी, पूर्ण चंद शर्मा, हीरा लाल गुप्ता, धर्मपाल जाखल, प्यारे लाला बब्बर, मदन लाल नारंग, रीटा रानी, विनोद अरोड़ा आदि उपस्थित रहे।