फतेहाबाद। जिले में गेहूं की बिजाई का काम अंतिम चरण में होने के कारण किसान गेहूं की बुवाई को जल्द से जल्द पूरा करने में जुटे हैं। लेकिन डीएपी खाद की कमी के चलते किसान गेहूं की बिजाई का काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
भट्टू में शनिवार को एक सप्ताह के बाद डीएपी खाद पहुंचने की सूचना पाकर किसान सुबह से ही खाद केंद्र के बाहर पहुंच गए। जिसके बाद तीन स्थानों पर खाद का वितरण पुलिस की मौजूदगी में किया गया। डीएपी खाद मिलने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि जिले में इस बार केंद्रों पर देरी से खाद पहुंचने के कारण किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिले के किसानों को जरूरत के अनुसार डीएपी खाद नहीं मिल सकी है।
जिले में पिछले पांच दिनों से विभिन्न स्थानों पर खाद का वितरण किया जा रहा है। जिसके चलते पिछले पांच दिनों में एक लाख के डीएपी बैगों का वितरण किया जा चुका है। वहीं को जिले के भट्टूकलां में ट्रेन के माध्यम से 54,644 डीएपी बैगो का रैक आया है। जिसका रविवार को वितरण किया जाएगा। ऐसे में अभी तक कुल 21,000 मीट्रिक टन डीएपी खाद का वितरण हो चुका है। जिसके बाद भी जिले में डीएपी का मांग पूरी नहीं हो सकी है।
मुझे गेहूं की बिजाई के 25 बैग डीएपी की आवश्यकता है, लेकिन मुझे अभी तक एक भी बैग नहीं मिला है। जिसके गेहूं की बिजाई समय निकल रहा है। ऐसे में अगर मुझे खाद नहीं मिलती है तो मैं गेहूं की बिजाई नहीं कर पाउंगा।
- देव किसान, गांव ढांड।
-
डीएपी खाद लेने के लिए खाद केंद्र पर दो बार लाइन में लग चुका हूं। लेकिन मेरी बारी आने से पहले स्टॉक खत्म हो जाता है। जिसके कारण मैं अपनी खेत में गेहूं की बिजाई का कार्य पूरा नहीं कर पाया हूं।
-गुरदीप सिंह, किसान, गांव बस्ती भीमां।
-
मुझे 10 एकड़ में गेहूं की बिजाई करनी है। जिसके लिए मुझे डीएपी खाद की आवश्यकता है। लेकिन अभी तक खाद नहीं मिल सकी है। सरकार को गेहूं की बुवाई शुरू से पहले खाद का स्टॉक मंगवा लेना चाहिए।
-पवन कुमार किसान, गांव ढांड