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Fatehabad News: जिले में विकास कार्यों पर करोड़ों खर्च, नहीं सुधरे मैदानों के हालात

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गांव मेहूवाला में ​स्थित खेल मैदान की बदहाल ​स्थिति। संवाद - फोटो : परिजन।
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फतेहाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मैदान नहीं होने व सुविधाओं का अभाव में प्रतिभाएं दबकर रह गई हैं। हालांकि कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो अपने स्तर पर तैयारियां करके जिले का नाम खेलों में रोशन कर रहे हैं।
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गांव भूथनकलां में मैदान नहीं है, इसके बावजूद भी युवा खिलाड़ियों ने जिलास्तर और राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिता में मुकाम हासिल किया है। गांव भूथनकलां से कबड्डी खिलाड़ी प्रतिज्ञा ने महाराष्ट्र के अमरावती में आयोजित स्कूली खेल प्रतियाेगिता में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। वहीं दीक्षा ने 1600 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है।







गांव मेहूवाला और धांगड़ में खेल मैदान हैं तो लेकिन इनमें न तो प्रशिक्षक है न ही पेयजल, शौचालय और रोशनी का कोई प्रबंध है। वर्षों से यहां के युवा सरकार व नेताओं से खेल मैदान बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। गांव मेहूवाला के मनीराम, राम सिंह, नेतराम, हरि सिंह दीपक व गांव धांगड़ के हंसराज, विनोद, राजेंद्र, लीलू राम, राकुमार, रणवीर, सुभाष आदि का कहना है कि सरकार खेलो इंडिया के नाम से चाहे कितने भी दावे करे, लेकिन जमीनी स्तर पर ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए कोई सुविधा नहीं है।
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वहीं प्रशिक्षक रणवीर, गुलजार, राजबाला और जितेंद्र आदि का कहना है कि क्षेत्र के युवाओं में खेल प्रतिभाएं छुपी हुई हैं, लेकिन उनको तलाश कर तराशने की जरूरत है। आर्थिक स्थिति से कमजोर युवा संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं कर पा रही है।



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गांव में खेल मैदान की जरूरत है, जहां पर वे अभ्यास कर सकें। खेल मैदान नहीं होने से गांव में स्थित सरकारी स्कूल के प्रांगण में अभ्यास करने को मजबूर हैं। अगर उन्हें अच्छा प्रशिक्षण चाहिए तो गांव से बाहर जाकर महंगी फीस भरकर तैयारी करनी पड़ रही है।

-प्रतिज्ञा, खिलाड़ी कबड्डी, गांव भूथनकलां







गांव में राज्यस्तर तक के खिलाड़ी होने के बावजूद भी खेल मैदान नहीं है। मगर फिर भी युवा अपने दम पर खेलों में नाम कमा रहे हैं। प्रशासन और ग्राम पंचायत खेल मैदान के लिए जमीन तक उपलब्ध नहीं करवा पाया है।

-दीक्षा, धावक खिलाड़ी, गांव भूथनकलां







गांव में खेल मैदान नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास करने में असुविधा होती है। जिसके कारण प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ रही है। मजबूरन युवा स्कूल के छोटे खेल मैदान में खेलने के लिए मजबूर हैं।

रितिका, खिलाड़ी, गांव भूथनकलां



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ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, परंतु सुविधा व संसाधनों का अभाव है। जिस कारण से युवाओं की प्रतिभा निखर नहीं पा रही। यदि युवाओं को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए तो वे जिला और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक रोशन कर सकते हैं।
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-बलजिंद्र सिंह, खिलाड़ी गांव मेहूवाला





:: गांव के स्कूल में खेल में मैदान है। जिसे अभी मिट्टी डलवाकर तैयार किया गया है। युवाओं को ग्राम पंचायत की ओर से कोई कमी महसूस नहीं हाेगी।

-राजकुमार, सरपंच, गांव भूथनकलां।
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