फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में रखी धान की ढेरियां। संवाद
फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में फसल बेचने के लिए किसान अपने मोबाइल फोन से गेट पास काट सकेंगे। इससे किसानों को लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने ई-खरीद मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से क्यूआर कोड, आधारित डिजिटल गेट पास प्रणाली शुरू कर दी है, जिससे किसानों की फसल बेचने की प्रक्रिया आसानी हो गई है।
खरीद व्यवस्था में नए नियम बनाएं जाने के बाद किसान अपने पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर ई-खरीद एप का उपयोग करके खुद ही अपना गेट पास जनरेट कर रहे हैं। यह गेट पास क्यूआर कोड के रूप में उनके मोबाइल फोन पर दिखाई देता है। किसान इसी डिजिटल गेट पास को लेकर सीधे अनाज मंडी पहुंच रहे हैं और फसल को बेच रहे हैं। इससे खरीद प्रक्रिया में काफी पारदर्शिता आई है। जिले में धान की खरीद के लिए अब तक 146530 गेट पास कटे है। इससे 1,004,542 क्विंटल धान की खरीद की गई है।
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स्कैनिंग से तुरंत एंट्री
मंडी गेट पर तैनात कर्मचारी या गेटकीपर किसान के मोबाइल फोन पर आए क्यूआर कोड को स्कैनर से तुरंत स्कैन करके उनकी ट्रॉलियों को मंडी में प्रवेश दे रहे हैं। गेट पास के साथ ही किसानों को ओटीपी दर्ज करवानी होती है। इससे सुनिश्चित होता है कि फसल बेचने वाला किसान स्वयं ही मंडी में मौजूद हो। यह तकनीक फर्जी किसानों और दूसरे राज्यों की फसल बेचने जैसे गलत तरीकों पर प्रभावी रोक लगा रही है। पहले किसानों को उन्हें गेट पास बनवाने के लिए घंटों इंतजार करने की जरूरत खत्म हो गई है, जिससे उनके समय की बचत हो रही है। इससे मंडी के बाहर की सड़कों पर लगने वाले लंबे जाम से मुक्ति मिली है, जिससे आम जनता और किसान दोनों को राहत मिली है।
पारदर्शिता भी सुनिश्चित
स्कैनर प्रणाली की सुविधा से किसानों को आसानी हो रही है। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आ रही है। किसान को गेट पास के साथ अपनी फसल का वजन भी स्वयं ही एप पर भरना होता है। फसल बेचने से संबंधित जे-फॉर्म भी किसान को एप पर ही मिल रहा है, इससे बिक्री पारदर्शी तरीके से दर्ज हो रही है और निर्धारित समय में भुगतान सीधे उनके खाते में जमा हो रहा है। अनाज मंडियों के सुचारू संचालन और खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक अहम और सफल प्रयास साबित हो रहा है।
:: जिले की अनाज मंडियों और खरीद केंद्रों पर नई प्रक्रिया के तहत खरीद शुरू कर दी है। इससे किसानों को गेटपास कटवाने के लिए इंतजार नहीं करना होगा।
-यशपाल मेहता, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।