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ओलावृष्टि और बारिश से जिले की 18 हजार एकड़ में खड़ी फसल हुई नष्ट

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फतेहाबाद। पिछले महीने जिले में आई बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से जिले में 18 हजार एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हुई है। यह आंकड़ा कृषि विभाग और बीमा कंपनी द्वारा कराए गए सर्वे में प्राप्त हुआ है। सर्वे करने वाली कृषि केयर कंपनी के अनुसार 26 व 27 नवंबर बारिश और ओलावृष्टि से जिले के 6 खंडों के दर्जनों गांव प्रभावित हुए। 2300 किसानों का सर्वे पूरा हो चुका है, जिसमें करीब 18 हजार एकड़ जमीन पर खड़ी फसल का नुकसान पहुंचा है। इनमें सरसों व गेहूं की फसल का 50 से 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने सर्वे की रिपोर्ट विभाग को भेज दी है।
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मालूम हो कि 26 व 27 नवंबर को दो दिन भूना, भट्टू, टोहाना, रतिया, जाखल और फतेहाबाद के 50 के करीब गांवों में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। 28 नवंबर को किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत देकर गेहूं व सरसों की फसल खराब होने का दावा किया था। कृषि विभाग ने इन सभी के आवेदन लेकर सर्वे करवाने की बात कही थी।
सर्वे में यहां मिला नुकसान
खंड किसान नुकसान फसल का नाम
टोहाना 182 80 फीसदी गेहूं
रतिया 48 50 फीसदी गेहूं
भूना 1383 50 फीसदी सरसों व गेहूं दोनों
जाखल 49 60 फीसदी गेहूं
फतेहाबाद 206 50 फीसदी गेहूं व सरसों दोनों
भट्टू 239 80 फीसदी सरसों
उपायुक्त को ज्ञापन देकर मांगा था मुआवजा
इन गांवों के किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर मुआवजे की मांग की थी। जिन किसानों का बीमा कंपनी से बीमा नहीं था, उपायुक्त ने संबंधित बैंक को ऋणी किसानों के खाते से पैसे काटकर बीमा करने के निर्देश दिए थे। एक दिसंबर को बैंक ने सभी किसानों का बीमा कर दिया। कृषि विभाग के अनुसार ऋणी व गैर ऋणी किसानों के लिए रबी की फसल के लिए 15 दिसंबर की तारीख अंतिम तय की गई थी। 1 दिसंबर को तकरीबन 60 फीसदी किसानों का बीमा कर दिया गया था। इसके बाद गैर ऋणी किसानों ने स्वयं से फसल का बीमा करवाया।
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इन गांवों में सर्वाधिक नुकसान
बोदीवाली, सरवरपुर, कुकड़ावाली, भूना के गांव टिब्बी, डुल्ट, झलनियां, भट्टू, बुआन, टोहाना के कन्हड़ी, समैण, बलियाला, जाखल के गांव भीमेवाला, रतिया के गांव दीवाना, कमालवाला, जल्लोपुर व आसपास की ढाणियां शामिल हैं। मालूम हो कि फतेहाबाद में बजाज एलियांस कंपनी से किसानों का बीमा किया जाता है। फसल की बिजाई के समय ही ऋणित किसानों का बैंक स्वयं ही प्रीमियम काट लेता है जबकि गैर ऋणित किसान स्वयं कंपनी से बीमा करवाते हैं। किसी भी प्राकृतिक आपदा के बाद कंपनी द्वारा बीमा राशि का क्लेम दिया जाता है। कंपनी के अधिकारी सुनील कुमार के अनुसार बरसात से किसानों की हाल ही में बिजाई गई सरसों व गेहूं की फसल को काफी नुक्सान पहुंचा है। निर्धारित समयानुसार कंपनी द्वारा मुआवजा किसानों को वितरित कर दिया जाएगा।
वर्जन
बरसात से ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हुई थी। इसके लिए 2300 किसानों ने आवेदन किया है। सर्वे लगभग पूरा हो चुका जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।
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डॉ. बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, फतेहाबाद।
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