हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन में जान-पहचान बताकर वेटिंग लिस्ट में नाम डलवाकर ग्रुप डी और क्लर्क की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 70 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। मामले में आरोपी कैथल, टोहाना और नरवाना के शामिल है। शहर पुलिस ने मामले में गांव किरावड़ निवासी यशपाल की शिकायत पर जीरकपुर के माया गार्डन निवासी रणधीर सिंह, नरवाना निवासी अभिषेक, कैथल निवासी टिंकू गर्ग, कैथल निवासी नवीन सैनी और टोहाना के रत्ताखेड़ा निवासी तरसेम के खिलाफ धारा 120 बी, 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले के मुताबिक पुलिस को दी शिकायत में भिवानी के गांव किरावड़ निवासी यशपाल ने बताया कि उसने अपने साथी सूरज के साथ मिलकर मॉडल टाउन में ज्ञान गंगा नाम से लाइब्रेरी की हुई थी। लाइब्रेरी में उनके पास विद्यार्थी सरकारी नौकरी की परीक्षा को लेकर तैयारी करने के लिए आते थे।
गांव रत्ताखेड़ा निवासी तरसेम उनकी लाइब्रेरी पर आया और उसने कहा कि अगर किसी बच्चे ने ग्रुप डी व क्लर्क का पेपर दिया है तो उसके दोस्त कैथल निवासी टिंकू गर्ग, नवीन सैनी नरवाना निवासी रणवीर और अभिषेक की हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन में जानकारी है और बच्चों की वेटिंग लिस्ट में नाम डलवाकर नौकरी लगवा देंगे।
आरोप है कि इसके बाद उनकी लाइब्रेरी पर आरोपी तरसेम, टिंकू गर्ग और नवीन सैनी आए और उन्होंने नौकरी लगवाने के लिए पैसों की बात की। आरोपियों ने नौकरी लगवाने के लिए 16 लाख रुपये नकद ले लिए और 10 लाख और 6 लाख का चेक दे दिया और कहा कि अगर नौकरी न लगे तो ये चेक लगा देना।
इसके बाद आरोपी टिंकू गर्ग और नवीन सैनी ने अपने कार्यालय कैथल बुलाया और कहा कि पहले वाला काम हो जाएगा, अगर कोई और है तो बताओ उसका काम करवा देंगे। इसके बाद आरोपियों ने आरोपी कैथल निवासी टिंकू गर्ग और नवीन सैनी ने 20 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपियों ने पंचकूला बुलाया और कहा कि काम हो जाएगा लेकिन रुपये और देने पड़ेगे। इसके बाद आरोपियों को पंचकूला में एसएससी कार्यालय के सामने 14 लाख रुपये दिए।
आरोपी अभिषेक के खाते में 15 लाख रुपये और 5 लाख रुपये नकद दिए गए। आरोप है कि आरोपियों ने नौकरी नहीं लगवाया और न ही रुपये लौटाए। जब उन्होंने रुपये मांगे तो जान से मारने की धमकी दी गई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
खुद को सुनीता दुग्गल और दीपेंद्र हुड्डा का करीबी बताकर रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ऐंठे 2.25 लाख रुपये
रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर करीब 2.25 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। आरोपी ने खुद को सुनीता दुग्गल और दीपेंद्र हुड्डा का करीबी बताया। मामले में शहर पुलिस ने गांव सरवरपुर निवासी सुखबीर की शिकायत पर आरोपी रतिया के गांव डिग्गी ढाणी निवासी गिरधारी लाल के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के आरोप में मामला दर्ज किया है।
मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने एडीजीपी को शिकायत भेजी थी। इसके बाद पुलिस विभाग फतेहाबाद ने संज्ञान लिया है। आरोप है कि वर्ष 2021 सीएम विंडो पर शिकायत दी गई थी। इसके बाद पुलिस ने शिकायत दफ्तर दाखिल कर दी थी।
मामले के मुताबिक पुलिस को दी शिकायत में सुखबीर ने बताया कि वह आहुजा ल्यूबस एवं कंस्ट्रक्शन फैक्टरी हांसपुर रोड पर मजदूरी करता है। आरोप है कि आरोपी की बहन फैक्टरी में काम करती है और वह उससे मिलने के लिए आता था। इसके चलते उसकी आरोपी के साथ जान-पहचान हो गई।
आरोपी ने कहा कि उसकी सुनीता दुग्गल और दीपेंद्र हुड्डा के साथ जान पहचान है और सुनीता दुग्गल को कहकर तुम्हारे भाई को रेलवे में नौकरी लगवा देगा। इसके बाद उसने रुपये उधार लेकर आरोपी को 2.25 लाख रुपये नकद दे दिए। इसके बाद आरोपी आरोपी ने फार्म के साथ चेक लगाने का कहकर दो चेक ले लिए।
आरोप है कि उसके भाई को नौकरी नहीं लगवाया गया, जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टाल-मटोल करने लगा। आरोप है कि 17 मार्च 2021 को एसपी कार्यालय फतेहाबाद और सीएम विंडो में शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने आरोपी के साथ मिलकर शिकायत को दफ्तर दाखिल कर दिया।