प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भूथन कलां की स्टाफ नर्स पर डिलीवरी के दौरान लापरवाही से बच्चा की मौत व जच्चा की हालत गंभीर होने का आरोप लगा है। पीड़ित ने उपायुक्त फतेहाबाद को नर्स के खिलाफ शिकायत पत्र देकर सख्त कार्रवाई के लिए गुहार लगाई है।
उपायुक्त ने मामले को लेकर सीएमओ फतेहाबाद को पत्र प्रेषित किया है। सीएमओ फतेहाबाद ने रतिया के एसएमओ वीके जैन को कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला :-
हसंगा निवासी बंसी लाल पुत्र आदूराम ने उपायुक्त को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि वह पीएससी भूथन कलां में 3 नवंबर को उसकी गर्भवती पत्नी गीता को लेकर गया था।
जहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्टाफ नर्स सुरेश रानी ने कहा कि डिलीवरी सामान्य हो जाएगी मैंने गर्भवती गीता का चेकअप कर लिया है।
सब ठीक ठाक है और रात्रि को डिलीवरी हो जाएगी। नर्स ने कुछ देर बाद गीता को कुछ दवाइयां खिलाई और टीके लगाए। जिसके बाद उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने लगी रात्रि को करीब 11 बजकर 50 मिनट पर डिलवरी हो गई।
आरोप है कि नर्स द्वारा गीता का पेट जोर-जोर से हिलाने व दबाने के कारण पेट में बच्चा मर गया। शिकायत कर्ता ने बताया कि वह नर्स के आदेश के बाद तुरंत फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में बच्चे को लेकर गया था।
जहां चिकित्सक ने देखते ही उसे मृत घोषित कर दिया और बताया गया कि बच्चा तो पहले से ही पेट पर दबाव देने की वजह से मर चुका है और बच्चे की मृत्यु पेट में दम घुटने की वजह से हुई है।
उसने आरोप लगाया कि नर्स की लापरवाही के कारण उसकी पत्नी की भी हालत गंभीर होने के कारण उसे फतेहाबाद के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। जहां वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।
क्या कहती है नर्स :-
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भूथन कलां की स्टाफ नर्स सुदेश रानी ने बताया कि उसके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह स्वास्थ्य कर्मी पवन कुमार का षड्यंत्र है।
स्वास्थ्य केंद्र पर उसकी डिलीवरी संबंधित कोई भी लापरवाही नहीं रही है। जो आरोप है मनघड़ंत एवं झूठे हैं। मामले की जांच विभाग द्वारा चल रही है। जांच के बाद सारा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
क्या कहते हैं एसएमओ :-
एसएमओ रतिया डाक्टर वीके जैन ने इस संबंध में बताया कि सुदेश रानी के खिलाफ बच्चे की मौत लापरवाही होने की शिकायत पर जांच पीएचसी इंचार्ज डाक्टर सुनीता कर रही हैं।
इससे पहले भी स्टाफ नर्स सुदेश रानी के खिलाफ एक और शिकायत आई हुई है। दोनों ही शिकायतों पर विभागीय जांच चल रही है। आरोप सही पाए जाने पर स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।