खड्डा (कुशीनगर)। दीपावली की रात नरकटियागंज से गोरखपुर जा रही सवारी गाड़ी के गार्ड की ट्रेन से कट जाने से मौत हो गई। बिना गार्ड के पैसेंजर ट्रेन 14 किलोमीटर दूर पनियहवा स्टेशन पर पहुंच गई। चालक ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। गार्ड के लापता होने की खबर फैलते ही स्टेशन पर खलबली मच गई।
खोजबीन के बाद गार्ड का शव वाल्मीकिनगर स्टेशन पर रेलवे ट्रैक के बीच में मिला। उस ट्रैक पर करीब दस घंटे तक ट्रेन का आवागमन ठप रहा। बृहस्पतिवार की सुबह तक गार्ड का शव ट्रैक पर ही पड़ा रहा। दूसरे गार्ड के पनियहवा पहुंचने पर ट्रेन गोरखपुर के लिए रवाना हुई।
दीपावली की रात लगभग 11 बजे सवारी गाड़ी संख्या 55209 के साथ बेतिया के क्रिश्चियन कॉलोनी निवासी गार्ड दिवाकर तोबियास ने चालक को वाकी टॉकी पर आल ओके बोलकर वाल्मीकिनगर स्टेशन से ट्रेन चलाने को कहा। चालक गाड़ी लेकर पनियहवा स्टेशन की ओर चल पड़ा। लेकिन ट्रेन में चढ़ते समय दिवाकर नीचे गए।
ट्रेन की चपेट में आ जाने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेन पनियहवा स्टेशन पहुंची तो वहां गार्ड को न पाकर चालक ने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। इसके बाद स्टेशन पर खलबली मच गई। रेल कर्मचारियों ने गार्ड की तलाश की तो शव वाल्मीकिनगर रेलवे स्टेशन के सामने ही ट्रैक पर मिला।
दूसरे गार्ड के आने तक ट्रेन पनियहवा में ही खड़ी रही। बृहस्पतिवार की सुबह जब दूसरा गार्ड पनियहवा पहुंचा तो 55209 नंबर की सवारी गाड़ी गोरखपुर के लिए रवाना हुई। उधर गार्ड का शव भी बृहस्पतिवार को सुबह तक ट्रैक पर ही पड़ा रहा। 55041 की सवारी गाड़ी से आरपीएफ के अधिकारी पहुंचे, तब जाकर शव को ट्रैक से हटाया गया।
लगभग 10 घंटे तक ट्रैक संख्या एक पर परिचालन बंद रहा। सुबह तक दिवाकर के परिवार के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। आरपीएफ के जवानों की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए बगहां भेजा गया।