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Fatehabad: ढाणी सांचला के डेरे में मिली तेंदुए की खोपड़ी और खाल, जांच के लिए भेजा जाएगा देहरादून लैब

Sun, 18 Sep 2022 08:31 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भूना, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

वन जीव रक्षा विभाग की टीम दोपहर बाद डेरे में पहुंची जहां जांच के बाद कमरा सील किया गया है। डेरे में महंत के नहीं होने के कारण खोपड़ी व खाल के बारे में कोई जानकारी भी नहीं दे पाया।
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जांच करती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भूना क्षेत्र में वन जीव रक्षा विभाग की टीम ने रविवार को गांव ढाणी सांचला-भोजराज के विवादित डेरे के एक कमरे से वर्षों पुरानी तेंदुए की खोपड़ी, खाल, एक तोता और कोरल सीपियां बरामद की है। टीम ने कमरे को सील कर दिया है। अब ड्यूटी मजिस्ट्रेट की नियुक्ति होने के बाद उनकी उपस्थिति में खोपड़ी व खाल को जांच के लिए देहरादून स्थित लैब में भेजा जाएगा। इसकी जांच रिपोर्ट कुरुक्षेत्र की पर्यावरण अदालत में भेजी जाएगी।  

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दरअसल, डीएफओ वेदप्रकाश के निर्देश पर वन जीव रक्षा विभाग के निरीक्षक जयविंद्र नेहरा, दलजीत सिंह की टीम भूना थाना प्रभारी कुलदीप सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों को साथ लेकर दोपहर बाद डेरे में पहुंची। यहां टीम ने महंत के कमरे को खुलवाया तो वहां मेज पर बनी गद्दी पर तेंदुए की खोपड़ी मिली। वहीं, खाल व तोता भी बरामद हुआ। डेरे में महंत के नहीं होने के कारण खोपड़ी व खाल के बारे में कोई जानकारी भी नहीं दे पाया।
 

डेढ़ महीने से विवादों में चल रहा डेरा 
गौरतलब है कि ढाणी सांचला-भोजराज के डेरे के महंत के खिलाफ विवाद पिछले डेढ़ महीने से काफी चर्चा में है। डेरा के संचालक पर तांत्रिक को बुलाकर वशीकरण क्रिया करने के आरोप लगे। थाने में भी पंचायतें हो चुकी हैं। करीब दस दिन पहले डेरा महंत धर्मनाथ को ग्रामीणों के विरोध के कारण डेरा छोड़ना पड़ गया था। फिलहाल डेरा महंत कहां है इसकी जानकारी ग्रामीणों को नहीं है।

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तोता रखना भी गैरकानूनी कार्य
इंस्पेक्टर जयविंद्र नेहरा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि इस डेरे में एक तोता व सीपियां भी है। एक तेंदुए की खोपड़ी व खाल भी रखी हुई है। सूचना मिलने पर वे टीम के साथ यहां पहुंचे और प्रारंभिक जांच में गलत तरीके से यहां पर तेंदुए की खोपड़ी व खाल रखने का मामला सामने आया है। खाल और खोपड़ी को देहरादून लैब में भेजा जाएगा, जहां जांच में सामने आएगा कि खोपड़ी असली है या नकली। तोता रखना भी गैरकानूनी कार्य है। 

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सबसे पहले कमरे को सील कर दिया है। अब इस मामले की जांच रिपोर्ट कुरुक्षेत्र स्थित पर्यावरण अदालत में भेजी जाएगी। वहां से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त होने के बाद जांच की जाएगी। मुख्य आरोपी डेरा महंत हैं, उनकी तलाश कर उससे भी पूछताछ की जाएगी। -वेदप्रकाश, मंडल अधिकारी, वन जीव रक्षा विभाग

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