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Lucknow News: अस्पताल संचालक ने तोड़ा दम, पिस्तौल से मारी थी गोली, खुदकुशी की वजह पता नहीं

Sun, 18 Sep 2022 08:16 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

नोवा अस्पताल के मालिक मनीष यादव की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी।
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डॉ. मनीष यादव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में ठाकुरगंज के बालागंज स्थित नोवा हॉस्पिटल के संचालक डॉ. मनीष यादव ने रविवार सुबह ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डॉक्टर ने शनिवार रात करीब 11 बजे खुद को लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मार ली थी। परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दो घंटे बाद करीब एक बजे दी थी।

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पुलिस के मुताबिक, लाइसेंसी पिस्तौल को जब्त कर लिया गया है। खुदकुशी का कारण अभी साफ नहीं हो सका है। परिजनों व हॉस्पिटल के साझीदारों से पूछताछ की जा रही है। उधर, मनीष के पिता हरिशंकर यादव की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। पिता ने मामले की सही से जांच करने की मांग की है।

प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज विजय यादव के मुताबिक, दुबग्गा के कटौली निवासी हरिशंकर यादव पूर्व प्रधान हैं। उनका बेटा डॉ. मनीष यादव बालागंज में नोवा हॉस्पिटल चलाता था और आम्रपाली में रहता था। शनिवार रात करीब 11 बजे मनीष ने लाइसेंसी पिस्तौल से दाहिनी कनपटी पर गोली मार ली। गोली बाईं तरफ से निकल गई। दोस्तों ने मनीष को पहले नोवा हॉस्पिटल पहुंचाया। फिर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां रविवार सुबह डॉक्टर ने दम तोड़ दिया।
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आखिर किससे हुआ था विवाद
प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक, परिजनों के बयान से साफ है कि विवाद के बाद मनीष ने गोली मारी थी, लेकिन क्या विवाद था और किससे था, यह साफ नहीं है। पुलिस डॉ. मनीष के घर से मिले मोबाइल व कुछ दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। मौत की असली वजह मोबाइल की कॉल डिटेल से निकलेगी। मैसेज की भी जांच की जा रही है।

... कहा भैया कह रहे आज के बाद हॉस्पिटल नहीं आएंगे
डॉ. मनीष के भाई रिंकू ने ट्रॉमा में बताया कि रात 11 बजे हॉस्पिटल के साझीदार ने कॉल कर सूचना दी थी। कहा कि जल्दी घर पहुंचो। तुम्हारे भैया कह रहे हैं कि आज के बाद हॉस्पिटल नहीं आएंगे। आवास पर पहुंचा तो मनीष जख्मी पड़े थे। रिंकू ने कहा कि जब सब ठीक था तो भैया ने ऐसा क्यों किया। निष्पक्ष जांच की मांग की है।

चार दिन से मायके में थी पत्नी
पिता हरिशंकर ने बताया कि सात साल पहले मनीष यादव मलिहाबाद से ठाकुरगंज के आवास में शिफ्ट हुए थे। यहां पत्नी पिंकी और चार साल की बेटी महक के साथ रह रहे थे। चार दिन पहले मां की तबीयत बिगड़ने पर पिंकी मायके गई थी। इसके चलते मनीष घर पर अकेले ही थे।

पांच साल पहले छोटे भाई की डकैतों ने की थी हत्या
डॉ. मनीष यादव के छोटे भाई कोमल यादव उर्फ गुड्डू की हत्या 2018 में डकैतों ने की थी। जनवरी में बावरिया गिरोह के डकैतों ने कटौली गांव में धावा बोल दिया था। इस दौरान ग्रामीणों ने विरोध किया तो डकैतों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। तत्कालीन प्रधान हरिशंकर यादव का छोटा बेटा कोमल डकैतों से भिड़ गया था। इस पर डकैतों ने उसे गोली मार दी थी। वारदात में गांव के 12 से अधिक लोग घायल हुए थे।

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