बीते दिन रतिया में बिजली ठीक करने के दौरान करंट लगने से मारे गए लाइनमैन के परिजनों ने वीरवार को स्थानीय नागरिक अस्पताल में जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद मृतक लाइनमैन का शव लेने से भी इंकार कर दिया। परिजनों की मांग थी कि मृतक लाइनमैन की मौत के मामले की जांच की जानी चाहिए।
इस मांग को लेकर परिजनों ने बिजली निगम के अधिकारियों के खिलाफ अस्पताल परिसर में ही जोरदार नारेबाजी भी की। मांगें पूरी ना होने की स्थिति में परिजनों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार करने से भी इंकार कर दिया। बाद में मौके पर पहुंचे बिजली निगम के अधिकारियों ने मुआवजा और जांच का आश्वासन दिया तो जाकर परिजनों ने मृतक लाइनमैन का शव स्वीकार किया।
बोसवाल निवासी संजय कुमार रतिया में लाइनमैन के पद पर तैनात था।
बुधवार को वह रतिया में एक बिजली के खंभे पर चढ़कर तारें ठीक कर रहा था तो इस दौरान उसे करंट का जोरदार झटका लगा और बुरी तरह झुलस गया। करंट लगने पर वह नीचे आ गिरा और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया, जहां शाम को उसकी मौत हो गई। अब परिजनों का आरोप है कि जब संजय बिजली लाइन को ठीक करने के लिए परमिट लेकर काम कर रहा था तो सप्लाई किसने शुरू की, इसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। परिजनों के रोष को देखते हुए अधिकारियों ने जांच करने का आश्वासन दिया और संजय के परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात कही। इसके बाद परिजन शांत हुए।