हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) में बीमा योजना के नाम पर बड़े झोल की आशंका सामने आ रही है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत 12 रुपये में दो लाख रुपये का इंश्योरेंस करने के लिए दिन-रात एक कर दिए और सरकार से लेकर संगठन तक को झोंक दिया गया, लेकिन एचएसआरएलएम के अधिकारी केंद्र और प्रदेश सरकार से इतर खुद की बीमा योजना ‘आम आदमी बीमा योजना’ ले आएं हैं। इसके तहत अब तक प्रदेश में 17 हजार से अधिक लोगों का इंश्योरेंस भी कर दिया गया है।
सरकार प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत जहां दो लाख रुपये के बीमे के बदले 12 रुपये का प्रीमियम ले रही थी, जबकि इस नई योजना में प्रदेश भर के गांवों से दो सौ रुपये प्रति व्यक्ति प्रीमियम लिया जा रहा है और इंश्योरेंस कवर दिया जा रहा है महज 75 हजार रुपये। इतना ही नहीं, इसके लिए प्रीमियम भले ही दो सौ रुपये है लेकिन लोगों से इंश्योरेंस प्रीमियम के तौर पर तो सौ रुपये ही लिए जा रहे हैं बाकी के सौ रुपये प्रति व्यक्ति सरकारी खाते से भुगतान किया जा रहा है।
खराब टारगेट वाले जिलों को दी गई चेतावनी
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के सूत्रों की मानें तो इस मिशन के तहत प्रत्येक जिले को आम लोगों के बीमे करने का टारगेट दिया गया था। इसके तहत 4 जनवरी को मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय की ओर से मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. एसई आनंद की ओर से इस योजना के तहत प्रत्येक जिले की अचीवमेंट रिपोर्ट भी भेजी गई थी।
सूत्रों की मानें तो जिन जिलों ने दिसंबर तक उचित कार्यवाही नहीं की थी, उन जिलों के अतिरिक्त उपायुक्त को पत्र भेजकर बाकायदा बताया गया था कि उनके जिलों का एचएसआरएलएम विभाग सही ढंग से काम नहीं कर रहा। गुरुग्राम में तो बाकायदा एचएसआरएलएम स्टाफ की सैलरी रोकने तक की बात सामने आई है, हालांकि गुरुग्राम एचआरएसएलएम की संयोजक दीप्ति सैलरी होल्ड रखने की बात से इंकार करती हैं।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से भेजे पत्र को आधार मानें तो एचएसआरएलएम प्रदेश में इस वित्तवर्ष के अंत तक साढ़े 42 हजार लोगों के इंश्योरेंस करने का टारगेट लेकर चल रहा है और 31 दिसंबर 2016 तक इसके तहत 17 हजार 322 लोगों के इंश्योरेंस किए भी जा चुके हैं। अकेले फतेहाबाद जिले में ही 2 हजार से अधिक लोगों का इंश्योरेंस किया गया है।
जिला संयोजक बोले-मैं बोलने के लिए अधिकृत नहीं
ये सारा मामला इसलिए भी संदेहास्पद लगता है क्योंकि दिसंबर माह की अचीवमेंट बताने के लिए एचएसआरएलएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्यालय की ओर से पत्र क्रमांक एचएसआरएलएम-2017/1754 जारी किया गया लेकिन एचएसआरएलएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद संभाल रहे आईएएस अधिकारी अशोक मीणा तक को मालूम नहीं है कि इस प्रकार की कोई बीमा योजना मिशन के तहत शुरू की गई है। ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान अशोक मीणा ने माना कि ऐसी कोई बीमा योजना उनकी जानकारी में नहीं है। मीणा अब इसकी जांच की बात कह रहे हैं। हालांकि एचएसआरएलएम के जिला संयोजक रणविजय से जब इस बारे में बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने इस बारे में कुछ भी कहने से ये कहते इंकार कर दिया कि वे मीडिया से बात करने को अधिकृत नहीं हैं।
क्या है हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम)
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के गु्रप बनाकर उन्हें आजीविका कमाने का तरीका बताया जाता है। इसके तहत गांवों में स्वयं समूहों को लोन भी दिया जाता है। आमतौर पर एक गांव में दो से तीन स्वयं सहायता समूह बनाए जाते हैं। उनकी ट्रेनिंग से लेकर लोन और इनके उत्पादन के लिए व्यवस्था भी केंद्र सरकार की विशेष योजना के तहत होती है।
ऐसी बीमा योजना मेरी जानकारी में नहीं है और ना ही मेरी मंजूरी ली गई है। अगर ये योजना आम आदमी के हित में नहीं है तो इसे बंद करवाया जाएगा। मैं इस बारे में जांच करूंगा।
-अशोक मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एचएसआरएलएम, हरियाणा।