जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा का नाम रिश्वत मामले में फंसने के बाद सोमवार को जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय में सन्नाटा छाया रहा। विभाग में सोमवार को सारा दिन इस मुद्दे पर कर्मचारियों में चर्चा चलती रही लेकिन इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से सभी कर्मचारी बचते दिखे। जैसी के पहले ही संभावना जताई जा रही थी, जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा सोमवार को अपने दफ्तर नहीं पहुंचे। उनसे मिलने वाले जरूर सारा दिन उनके कार्यालय में आते रहे लेकिन उनकी कुर्सी और उनका दफ्तर सारा दिन खाली ही रहा।
शिक्षा विभाग के कर्मचारी और साथी अधिकारी भी इस बात का जवाब देने से बचते रहे कि आखिर डीईओ वर्मा कहा गए हैं । दबी जुबान में कुछ लोग ये तो कहते दिखे कि उन्हें निदेशालय में बुलाया गया है लेकिन इस बात की किसी ने भी पुष्टि नहीं की है कि सोमवार को डीईओ वर्मा पंचकूला स्थित शिक्षा विभाग के मुख्यालय पहुंचे या नहीं।
दूसरी ओर बताया गया है कि विजिलेंस टीम ने भी शिक्षा विभाग में दबिश दी लेकिन डीईओ यज्ञदत्त वर्मा उन्हें नहीं मिले। शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो विजिलेंस की टीम शिक्षा विभाग के कार्यालय से कुछ कागजात लेकर गई है जिसमें रिश्वत लेते पकड़े गए क्लर्क राजकुमार का ज्वाइनिंग लेटर एवं पिरथला के आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल का रिकार्ड शामिल है, इसी स्कूल का रिकार्ड वेरीफाई कराने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी। इस बारे में बात करने पर विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र शर्मा ने कहा कि विभाग की टीम सोमवार को शिक्षा विभाग के दफ्तर गई थी। कुछ रिकार्ड लेकर आएं हैं। फिलहाल इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते।