सरकारी अस्पताल रविवार देर रात सामान्य अस्पताल के जनाना वार्ड की छत का टुकड़ा गिरने से मरीजों एवं उनके तीमारदारों में हड़कंप मच गया। इस घटना में तीन दिन का एक नवजात बच्चा और चार अन्य महिलाएं घायल हो गईं। इतना ही नहीं, साथ के बिस्तरों पर लेटे हुए तीन और नवजात बच्चे भी बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी सीएमओ डॉ. गिरीश, एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। स्वास्थ्य विभाग ने ऐतिहातन जनाना वार्ड के उस हिस्से से बिस्तर हटा लिए और दूसरे हिस्से में लेटी महिला मरीजों को भी वहां से शिफ्ट कर दिया। हादसे में घायल हुई महिलाओं और नवजात बच्चे का इलाज शुरू कर जनाना वार्ड से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. गिरीश की मानें तो शुरुआती जांच में छत में नमी इकट्ठा होने से छत के पलस्तर का टुकड़ा गिरा है। बाकी मामले की जांच के बाद सारी स्थिति साफ हो पाएगी।
सरकारी अस्पताल में उपचाराधीन पूनम बाला निवासी भूथन ने बताया कि रविवार देर रात वो अपने तीन दिन के नवजात बच्चे के साथ सोई हुई थी कि अचानक देर रात लगभग 12 बजे उसके बिस्तर के ठीक ऊपर वाली अस्पताल की छत का टुकड़ा भरभरा कर उसके बिस्तर और आस पास आ गिरा। पूनम ने बताया कि उसे एकबारगी तो कुछ समझ ही नहीं आया। लेकिन अगले ही क्षण उसने स्थिति को समझते हुए अपने बच्चे को संभाला, लेकिन तब तक उसे भी चोट लग चुकी थी। पूनम ने बताया छत के टुकड़े का मलबा आसपास के बिस्तरों पर भी गिरा जहां पर अन्य महिलाएं अपने अपने बच्चों के साथ लेटी थीं। उन महिलाओं को भी चोटें लगी हैं। अन्य घायलों में ढिंगसरा निवासी ललिता, बड़ोपल निवासी धापा, भूथन की दयालोबाई, राजवंती और पूनम शामिल हैं।
थोड़ा और मलबा निकलता, तो गिर सकती थी छत
सरकारी अस्पताल के जनाना वार्ड में छत के जिस हिस्से से ये मलबा गिरा है। उस जगह से छत में लगे लोहे के सरिए तक दिखने लगे हैं। ऐसे में अगर इस जगह से थोड़ा और मलबा निकलता तो सरिए निकलने के कारण छत के भी भरभरा कर गिर सकती थी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने ऐतिहातन जनाना वार्ड के इस हिस्से को खाली करा लिया है। मरीजों की मानें तो अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने मरीजों को इस बारे में किसी से ज्यादा बातचीत न करने की भी ताकीद की थी।
जनाना वार्ड की छत में शायद नमी जमा होने से छत के प्लास्टर का टुकड़ा गिर गया है। इसके चलते नीचे सो रही एक महिला और उसके नवजात बच्चे को थोड़ी चोट आई है। बाकी महिलाएं घबरा गईं, जिसके कारण उनको इलाज दिया जा रहा है। मामले की जांच कराएंगे और लोक निर्माण विभाग से एस्टीमेट मांगा जाएगा।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सीएमओ, सरकारी अस्पताल, फतेहाबाद।