गांव के मलकीत सिंह ने बताया कि उनकी गर्भवती गाय 2-3 दिन से बीमार थी। वे लगातार वीएलडीए दीपक कुमार को फोन कर रहे थे, लेकिन वह पशु को संभालने नहीं आ रहा था। रात 10 बजे भी बात हुई और आज सुबह अस्पताल आए तो वे अस्पताल नहीं मिला, बल्कि चिम्मो में है। गाय की मौत से डेढ़ लाख का नुकसान तो हुआ।
फतेहाबाद के गांव एमपी सोतर में गर्भवती गाय की मौत होने से गा्रमीणों में रोष फैल गया और उन्होंने पशु अस्पताल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि चिकित्सक की लापरवाही के कारण गाय की मौत हुई है। उसे बार-बार फोन किए गए, लेकिन चिकित्सक ने फोन नहीं उठाया। समय पर उपचार न मिलने के चलते गाय की मौत हो गई। उन्होंने पशु चिकित्सक को निलंबित करने की मांग की है।
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ग्रामीण के अनुसार
गांव के मलकीत सिंह ने बताया कि उनकी गर्भवती गाय 2-3 दिन से बीमार थी। वे लगातार वीएलडीए दीपक कुमार को फोन कर रहे थे, लेकिन वह पशु को संभालने नहीं आ रहा था। रात 10 बजे भी बात हुई और आज सुबह अस्पताल आए तो वे अस्पताल नहीं मिला, बल्कि चिम्मो में है। गाय की मौत से डेढ़ लाख का नुकसान तो हुआ, साथ ही उन्होंने गाय को अपनी संतान की तरह पाला था, जिस कारण परिवार के बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।
डॉक्टर ने पशु नहीं संभाला
मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि पशु डॉक्टर की यहां हाजरी पूरी है, लेकिन वह अस्पताल में पूरी ड्यूटी नहीं देते। वहीं गांव के सरपंच भाग सिंह ने बताया कि परिवार रात भी फोन करता रहा और आज भी डॉक्टर ने पशु नहीं संभाला। पहले भी इस तरह की लापरवाही से एक पशु की मौत हुई थी, तब भी लोगों ने रोष जताया था। उन्होंने डॉक्टर को सस्पेंड करने की मांग की।