पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट और नितिन राठी को सोनीपत पुलिस ने देर रात सेक्टर-7 स्थित बंद कोठी से मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया। बदमाशों के कब्जे से 9 एमएम व 315 बोर की दो-दो पिस्तौल व कारतूस बरामद हुए हैं। डीएसपी राहुल देव की अगुवाई में सोनीपत पुलिस की कामयाबी से यूपी पुलिस ने राहत की सांस ली है। दोनों पर यूपी पुलिस ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। शनिवार को उन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। खुद डीआईजी एचएस दून ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में यह खुलासा किया।
डीआईजी ने बताया कि अमित उर्फ मोनू जाट गांव रोहटा जिला मेरठ व नितिन राठी गांव टीकरी जिला बागपत का रहने वाला है। देर रात पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि सोनीपत के सेक्टर-7 में ताऊ देवीलाल पार्क के पीछे बनी एक कोठी में दो संदिग्ध युवक रह रहे हैं। डीएसपी राहुल देव व एसआईटी इंस्पेक्टर संदीप धनखड़ के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने कोठी को चारों तरफ से घेर लिया। अंदर कमरे में मोमबत्ती जलती दिखाई दी। पुलिस को देखकर अंदर से फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने भी जवाबी फायर किए। इसी बीच एक बदमाश दीवार फांद कर भागने लगा, लेकिन पुलिस ने कोठी को चारों तरफ से घेरा हुआ था। दोनों तरफ से चार-चार राउंड फायर के बाद दोनों बदमाशों ने सरेंडर कर दिया। अमित उर्फ मोनू के कब्जे से 9 एमएम तथा 315 बोर की देसी पिस्तौल, 12 कारतूस व तीन खोल, नितिन राठी के कब्जे से 9 एमएम व 315 बोर की देसी पिस्तौल, 10 कारतूस व दो खोल बरामद हुए।
गिरफ्तारी के बाद चला पता, कुख्यात बदमाश आए हाथ
पुलिस ने जब दोनों बदमाशों से पूछताछ की तो पुलिस के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। छह फीट लंबे बदमाश ने बताया कि वह मेरठ के गांव रोहटा का रहने वाला है, जिस पर यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम रखा हुआ है। दूसरे ने अपनी पहचान बागपत के गांव टीकरी निवासी नितिन राठी के तौर पर दी। पुलिस ने यूपी पुलिस से संपर्क किया और वाट्सअप पर फोटो भेजकर पहचान करवाई। यूपी पुलिस ने बताया कि दोनों बदमाश कुख्यात हैं और आसपास आतंक का पर्याय बन चुके हैं। 15 दिन में दोनों ने मिलकर पांच हत्याएं की हैं।
तीन दिन पहले आए थे सोनीपत
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि यूपी में पुलिस लगातार छापामारी कर रही थी। दबाव के चलते सोनीपत आ गए। गैंग से पता चला कि जीटी रोड किनारे सोनीपत के सेक्टर-7 में एक कोठी है, जो खाली रहती है और सुनसान इलाके में भी है। कोठी अशोक नाम के युवक की बताई गई है। तीन दिन पहले मोनू व नितिन यहां पहुंचे। दिन में देवीलाल पार्क में आराम करते, जबकि रात को कोठी में जाकर सो जाते। नजदीक ही मुरथल के ढाबे हैं, जहां 24 घंटे खाना मिलता है।
जेल में हुई दोस्ती, बाहर आते ही मिलकर खेला खूनी खेल
इंस्पेक्टर संदीप धनखड़ ने बताया कि मोनू जाट व नितिन राठी मेरठ जेल में बंद थे, जहां दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई। छह माह पहले मोनू जमानत पर बाहर आ गया, जबकि नितिन पांच माह पहले आया। दोनों ने अपने दुश्मनों को ठिकाने लगाने में एक-दूसरे का साथ देने का फैसला किया। सबसे पहले आठ सितंबर को मेरठ के गांव रोहटा गांव में रंजिश के चलते किसान शीशपाल व उसकी पत्नी संतोष की खेतों में गोली मारकर हत्या की। चार दिन बाद 12 सितंबर को ही दोनों बदमाशों ने जिला बागपत के गांव टीकरी के बाजार में सरेआम विवेक नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके दस दिन बाद गांव रोहटा में 22 सितंबर को सट्टेबाज सुरेश को उसी के घर में रंगदारी न देने पर मौत के घाट उतार दिया। 24 सितंबर को टीकरी में लाल बहादुर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मोनू जाट व नितिन राठी का पश्चिमी यूपी में आंतक फैल गया। रोहटा व टिकरी गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूरी एक कंपनी को दोनों बदमाशों को गिरफ्तारी के लिए लगा दिया गया। इसके बावजूद यूपी पुलिस उन्हें दबोचने में नाकाम रही। दोनों भागकर सोनीपत आ गए, जहां पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पांच हत्याओं के अलावा दोनों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास व लूट जैसी आपराधिक घटनाओं के एक दर्जन से भी अधिक केस दर्ज हैं।
मोनू जाट 2007 से अपराध की दुनिया में सक्रिय
रोहटा का मोनू जाट 2007 से अपराध दुनिया में सक्रिय है। पहले भी वह हत्या की वारदात अंजाम दे चुका है। उस पर यूपी पुलिस ने 15 हजार का इनाम घोषित किया था। अब रोहटा में किसान दंपती व सट्टेबाज व टिकरी में सरेआम दो लोगों की हत्या के बाद यूपी पुलिस ने मोनू व नितिन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था। नितिन को पहली बार इनामी बदमाश घोषित किया था।