RTI act used to harass government officials in Gujarat
- फोटो : demo
भिवानी के गोपालवास गांव के वार्ड नंबर 7 के पंच को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित से कम शैक्षणिक योग्यता होने के कारण पद से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा पंच की पंचायत की किसी भी बैठक में भाग लेेने पर पाबंदी लगाई गई है। पंच के पास पंचायत की धन राशि, रिकार्ड तथा अन्य संपति को ग्राम पंचायत के सरपंच को सौंपने के आदेश दिए गए हैं।
गोपालवास गांव के वार्ड सात (अनारक्षित) से सुरेश कुमार पंच निर्वाचित हुए थे। लेकिन, गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा जब इस संबंध में आरटीआई लगाकर सुरेश कुमार की योग्यता के बारे में जानकारी ली गई तो गड़बड़झाला सामने आया। सुरेश कुमार ने अपने नामांकन पत्र में शैक्षणिक योग्यता के लिए आठवीं कक्षा पास का सर्टिफिकेट लगाया था जबकि इसके लिए दसवीं पास का सर्टिफिकेट जरूरी था। मामला पकड़ में आने के बाद जिला उपायुक्त कार्यालय ने पत्र क्रमांक 933 दिनांक 31.08.2016 के तहत खंड विकास कार्यालय बहल को प्रारंभिक जांच के लिए लिखा गया था। खंड कार्यालय द्वारा भेजी गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम,1994 (संसोधित 2015) की धारा के 175 बी के तहत उक्त व्यक्ति चुनाव लड़ने के योग्य नहीं था। वहीं, बीडीपीओ द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में उक्त पंच ने अपने बयानों में माना कि उसने नोमिनेशन के साथ आठवीं पास का सर्टिफिकेट लगाया था। पंच ने कहा कि नोमिनेशन भरने वाले अधिकारी ने उसे नहीं बताया कि आठवीं पास व्यक्ति चुनाव के लिए फार्म नहीं भर सकता है। जबकि उसे पता नहीं था कि चुनाव के लिए दसवीं पास का सर्टिफिकेट लगेगा। जांच के आधार पर जिला उपायुक्त ने पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1) (ख) के अंतर्गत प्रदत्त की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए सुरेश कुमार को अंतिम निर्णय लेने से पहले उसको पंच पद से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए।
ग्राम पंचायत के पंच सुरेश कुमार ने निर्धारित शैक्षणिक योग्यता से कम आठवीं कक्षा का पास सर्टिफिकेट लगाया था जबकि चुनाव के लिए दसवीं पास का सर्टिफिकेट जरूरी था। जिला उपायुक्त के आदेश अनुसार, पंच को पद से निलंबित कर दिया है तथा इसकी सूचना निर्वतमान पंच एवं ग्राम पंचायत के सरपंच को दी गई है।
रमेश कुमार, सचिव, ग्राम पंचायत, बहल।