फतेहाबाद। गांव बड़ोपल में मकान पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने व मारपीट के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की अदालत ने बेटी के आरोपों पर उसके पिता को दोषी करार दिया है। सजा का निर्धारण 13 फरवरी को होगा।
सदर थाना पुलिस ने 12 अक्तूबर 2016 को दीपिका बूरा निवासी बड़ोपल की शिकायत पर उसके पिता अनिल बूरा, निवासी हिसार के खिलाफ मारपीट करने, घर में घुसने, आगजनी व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में दीपिका बुरा ने बताया कि उनका गांव बड़ोपल में किसान फिलिंग स्टेशन के नाम से पेट्रोल पंप है। पेट्रोल पंप के पीछे ही उनका मकान है। 11 अक्तूबर 2016 की रात को वह अपनी नानी के साथ घर में सोई हुई थी। उसने बताया कि रात को करीब साढ़े 10 बजे उसका पिता अनिल उनके घर के बाहर आया और उनको मकान खाली करने की धमकी दी। यही नहीं उनके घर पर पत्थर फेंकने आरंभ कर दिए और दो बाल्टियों में पेट्रोल भरकर मकान पर फेंक दिया और आग लगा दी, जिससे मकान के दो दरवाजे जल गए। उन्होंने शोर मचाया तो गांव के लोग वहां आ गए, जिनको देखकर उसका पिता व दो-तीन अन्य लोग फरार हो गए। अदालत ने इस मामले में अनिल बूरा को दोषी करार दिया है। उसे सजा 13 फरवरी को सुनाई जाएगी।