रतिया। नगर पालिका के पार्षदों ने शुक्रवार को अपनी मांगों के समाधान के लिए फिर से नगर पालिका प्रांगण में धरना देकर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता पार्षद विजय कुमार ने की।
धरने पर पार्षद विजय गर्ग, गुरप्रीत सिंह गोपी, अजमेर सिंह, सतपाल, गौरव शर्मा, गुरविंदर सिंह और पार्षद प्रतिनिधि जगसीर चौहान ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। अगर हो भी रहे हैं तो उनके भेदभाव किया जा रहा है। अनाप शनाप टेंडर लगाकर फर्जी बिल पास किए जा रहे हैं और उनको इन कार्यों की कोई जानकारी नहीं दी जा रही।
उन्होंने कहा कि अधिकांश वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंच रही, लेकिन बिना काम किए बिल पास कर दिए जा रहे हैं।पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि शहर के नए क्षेत्र जिनमें फसल लगी है, उन्हें अवैध कब्जे से बचाने के लिए रिश्वत लेकर वैध कर दिया गया, जबकि पुराने क्षेत्रों को अवैध घोषित किया हुआ है। इसके कारण नगर पालिका में हाउस की बैठक भी नहीं बुलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों के कार्यालय में न बैठने के कारण जनता के काम प्रभावित हो रहे हैं। सरकार की ओर से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन नगर पालिका अधिकारी इस पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का पार्षदों को कोई हिसाब नहीं दिया गया।
पार्षदों के अनुसार जुलाई और अक्तूबर माह में भी उन्होंने धरना दिया था, लेकिन अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। तब अधिकारियों ने मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं हुआ, तो उन्हें मजबूरन नगर पालिका कार्यालय में ताला लगाने पर मजबूर होना पड़ेगा।