फतेहाबाद। नगर परिषद कार्यालय में बुधवार को तीसरी बार बुलाई बजट बैठक एक बार फिर गुटबाजी की भेंट चढ़ गई। बैठक में पार्षदों ने अधिकारियों के काम न करने की बात कहकर जमकर हंगामा किया। जवाब में प्रधान ने कहा कि मेरे पास डीडीओ पावर नहीं है, पहले पावर होती थी और काम भी होते थे। करीब डेढ़ घंटे तक बैठक में हंगामा हुआ फिर भी बजट पास नहीं हो पाया।
पार्षदों ने प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची को कहा कि अधिकारी काम नहीं करते हैं, बैठक में भी न कार्यकारी अभियंता आए और न ही कोई एमई और जेई मौजूद हैं। बैठक में बजट प्रस्ताव पर सिर्फ चार पार्षदों व प्रधान ने ही हस्ताक्षर किए। इसके चलते बजट पास नहीं हो पाया। बजट बैठक पहले भी दो बार बुलाई गई लेकिन रद्द कर दी गई थी। अब 26 मार्च को नगर परिषद हाउस की सामान्य बैठक रखी गई है। इससे पहले बजट को लेकर बैठक रखी जाएगी।
50 मिनट तक इंतजार करते रहे प्रधान और अधिकारी
नगर परिषद कार्यालय में बजट बैठक को लेकर दोपहर 12 बजे का समय रखा गया। बैठक में नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची, पार्षद ज्योति मेहता, सुरेंद्र डिंगवाल, कपिल खत्री, कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र सोनी, एसओ सुरेंद्र रोहिल्ला, लेखाकार नवीन भाटिया पहुंचे। उप प्रधान और करीब 20 पार्षद 50 मिनट बाद 12 बजकर 50 मिनट पर बैठक में पहुंचे।
बजट पास न करने की पहले ही बनाई रणनीति
नगर परिषद उपप्रधान सविता टुटेजा, पार्षद मोहन लाल नारंग, चंद्रभान वधवा, सुखदेव सिंह, राजकुमार, निलांशी शर्मा, सुभाष कुमार, नीलम आहुजा, सरोज रानी, अनिल गर्ग, गुरप्रीत, प्रतिनिधि योगी हंसराज, निर्मल सिवाच समेत करीब 20 पार्षद इकट्ठे हुए। पार्षदों ने डीसी के नाम पत्र लिखा। जिसमें कहा गया कि प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची मासिक साधारण बैठक नहीं बुला रहे हैं इसलिए कानूनी कार्रवाई की जाए। पार्षदों ने कहा कि ये शिकायत उपायुक्त को दी जाएगी। पत्र लिखने के बाद पार्षद बजट बैठक में पहुंचे। लेकिन यहां पर बजट पास करने को लेकर लिखा कि वे इससे संतुष्ट नहीं हैं।
जेई कहता है पांच बजे के बाद फोन न करें : पार्षद
पार्षद ज्योति मेहता ने कहा कि उनके पास इंडस्ट्रियल एरिया से स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए बार-बार मांग आ रही थी। इसके बाद उन्होंने जेई को कॉल की तो उसने कहा कि शाम 5 बजे के बाद फोन मत किया करें। ऐसे में पार्षदों के कैसे काम होंगे।
थर्ड पार्टी सर्वे को लेकर हुई नोकझोंक
बैठक में नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची की पत्नी अंजू बंसल खिंची और उपप्रधान सविता टुटेजा के बीच नोकझोंक हुई। विकास कार्य न होने और थर्ड पार्टी सर्वे को लेकर पार्षद निलांशी शर्मा, प्रतिनिधि सुनील शर्मा, पंछीराम और राजेंद्र आहुजा की प्रधान खिंची के साथ नोकझोंक हुई। बैठक में प्रतिनिधि पंछीराम ने कहा कि जेई ने जो सर्वे किया वह गलत है, क्या और थर्ड पार्टी सर्वे करवाया जा रहा है और कामों को काटा जा रहा है। प्रधान कुछ नहीं कर रहे हैं। इस पर प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने कहा कि पूर्व विधायक के इशारे पर ये सब कुछ हो रहा है, आज तक उपप्रधान की कुर्सी नहीं लगी, लेकिन इस बार लगाई गई। इसको लेकर उपप्रधान सविता टुटेजा ने कहा कि पूर्व विधायक को बीच में क्यों लाया जा रहा है। हाउस में पार्षदों को बोलने का हक है। इसको लेकर प्रधान की पत्नी और उपप्रधान के बीच काफी नोकझोंक हुई। बाद में पार्षद ज्योति मेहता ने दोनों को शांत करवाया।
पार्षद नारंग बोले- प्रधान पहले पत्र लिखते हैं फिर बिल पास किए जाते हैं
बैठक में पार्षद मोहन लाल नारंग ने कहा कि प्रधान हर माह विकास कार्यों को लेकर हाउस की बैठक नहीं बुला रहे हैं। कामों की समीक्षा नहीं हो रही है। नारंग ने कहा कि प्रधान खिंची पहले निर्माणाधीन डिवाइडर को लेकर पत्र लिखते हैं और फिर बिल पास किया जाता है। यहां तक कम्युनिटी सेंटर का भी 25 लाख का बिल पास किया जाता है। हाउस को किसी काम की जानकारी तक नहीं होती है।
पार्षदों द्वारा पहले जो काम दिए गए हैं उनकी समीक्षा नहीं होती। काम करवाने की समय सीमा तय नहीं होती तब तक बैठक सिरे नहीं चढ़ सकती है। इसके अलावा जो कमेटियां बनाई गई थीं उसका भी नोटिफिकेशन जारी किया जाए।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
पार्षदों का कहना है कि हर माह बैठक नहीं बुलाई जा रही है। 26 मार्च को हाउस बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में कामों को लेकर समीक्षा की जाएगी।
- राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान, नगर परिषद