फतेहाबाद। गांव भिरड़ाना के सरपंच प्रतिनिधि के साथ चालान काटने को लेकर पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट करने के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। बुधवार को विभिन्न गांवों के सरपंच और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। करीब दो घंटे तक सरपंचों और ग्रामीणों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और धरना दिया। मामले में बुधवार शाम को एसपी आस्था मोदी ने हुडा चौकी में तैनात दो सिपाही और गृह रक्षी को लाइन हाजिर कर दिया।
इससे पहले जिले से आए विभिन्न गांव के सरपंच शहर के खंड पंचायत अधिकारी कार्यालय में इकट्ठा हुए और वहां से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और वहीं लघु सचिवालय के पार्क में पहले से मौजूद गांव भिरड़ाना के ग्रामीणों ने मिलकर लघु सचिवालय में पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान करीब दो घंटे तक हंगामा होता रहा। लघु सचिवालय के गेट पर पुलिसकर्मियों ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई। लेकिन बैरिकेड हटाकर सरपंच और ग्रामीण लघु सचिवालय परिसर के अंदर पहुंच गए और धरना दे दिया। एसपी आस्था मोदी ने सरपंचों व ग्रामीणों बात सुनी और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद सरपंच और ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
ये था मामला
मंगलवार दोपहर शहर के भूना रोड पर पुलिस कर्मचारी नाका लगाकर वाहनों की जांच कर चालान का रहे थे। इस दौरान गांव भिरड़ाना के सरपंच प्रतिनिधि जसविंदर उर्फ जस्सी अपने गांव के पंच और एक मनरेगा मेट के साथ गाड़ी में फतेहाबाद आ रहे थे। पुलिस ने गाड़ी को रोकने का इशारा किया और गाड़ी का चालान काटने लगे। चालान काटने को लेकर पुलिस कर्मचारियों से उनका विवाद हो गया। सरपंच प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि इस दौरान पुलिस कर्मचारी उन्हें उठाकर हुडा चाैकी ले आए और उनके साथ मारपीट की। मारपीट करने के बाद उसे छोड़ दिया गया। जिसके बाद सरपंच प्रतिनिधि ने मारपीट करने का विरोध जताया और अन्य सरपंचों को मौके पर बुलाया। सरपंच ने अपनी पीठ पर लगे जख्म भी मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों व मीडिया को दिखाए थे। इसके बाद सरपंच को नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में भर्ती करवाया गया, जहां से उन्हें अग्रोहा रेफर कर दिया गया था।
आरोपी पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर
सरपंच प्रतिनिधि व पुलिस के बीच हुए विवाद काे लेकर एसपी आस्था मोदी ने बुधवार दोपहर को हुडा चौकी में तैनात सिपाही मनदीप व रविंद्र सहित गृह रक्षी प्रतीत को लाइन हाजिर किया है। हालांकि सरपंचों के साथ हुई बैठक में एसपी ने पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई करने को लेकर दो दिन का समय मांगा था। लेकिन ग्रामीण इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे, जिसके बाद एसपी ने तुरंत लाइन हाजिर करने के आदेश दिए।
लघु सचिवालय में प्रवेश करने से पहले हुई धक्का-मुक्की
जब सरपंच व ग्रामीण लघु सचिवालय में एसपी से मिलने जा रहे थे तब पुलिस ने सभी को मेन गेट पर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। जिसके बाद ग्रामीणों की संख्या ज्यादा होने के कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा। पुलिस ने परिसर में मुख्य गेट के पास बैरिकेड लगाकर सभी को रोका। जिसके बाद सरपंचों व ग्रामीणों ने वहीं पर धरना दे दिया।
सरपंच एसोसिएशन ने एसपी के साथ की तीन बार बैठक
पूरे मामले को लेकर जिले भर के करीब 80 गांवों के सरपंच व उनके प्रतिनिधि पहुंचे थे, इस दौरान सरपंच एसोसिएशन के द्वारा पूरे मामले को लेकर एसपी से कुल तीन बार बैठक हुई। पहली बैठक करीब 30 मिनट तक चली, दूसरी बैठक 15 मिनट व आखिरी बैठक 10 मिनट तक चली। जिसके बाद सरपंच व ग्रामीण कार्रवाई से संतुष्ट हुए।