फतेहाबाद: प्रदेश में कोरोना संक्रमण की आहट के बीच फतेहाबाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। सिविल सर्जन डॉ. कुलप्रतिभा की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई बैठक में सभी अस्पतालों को जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कोविड जैसे लक्षण जैसे खांसी, जुकाम, बुखार और छाती में संक्रमण वाले मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे। वहीं, अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखने के आदेश जारी हुए हैं। दूसरी तरफ जिले में आरटी-पीसीआर लैब मौजूद है, परंतु उसके बंद होने के चलते सभी सैंपल अभी अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजे जाएंगे।
इसके साथ ही, 236 ऑक्सीजन कंसंट्रेटरों की जांच और सभी अस्पतालों में 10-10 बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित करने का निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट को भी एक्टिव किया जाएगा। अस्पतालों में मास्क, दस्तानों को लेकर चेक किया जाए अगर कहीं नहीं है तो डिमांड भेजी जाए। अस्पतालों में 10-10 बेड कोविड मरीजों के लिए रिजर्व किए जाएं ताकि जरूरत पड़ने पर आइसोलेट किया जा सके।
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फ्लू क्लीनिक बंद, नहीं होती है स्क्रीनिंग
नागरिक अस्पताल में प्रशासन की तरफ से फ्लू क्लीनिक बनाया गया है। लेकिन हालात ये है कि ये क्लीनिक सिर्फ कोई अलर्ट होने पर ही एक्टिव किया जाता है। जबकि विभाग की तरफ से निर्देश है कि फ्लू क्लीनिक में ओपीडी रजिस्ट्रेशन के साथ ही यहां पर स्क्रीनिंग की जाए।
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रतिया में बंद पड़ा है ऑक्सीजन प्लांट, सेंसर हुए खराब
कोरोना महामारी के दौरान करीब चार साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने फतेहाबाद में 500 एलपीएम, रतिया में 250 एलपीएम और टोहाना में 200 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। अधिकारियों की माने तो फतेहाबाद और टोहाना में ऑक्सीजन प्लांट एक्टिव है लेकिन रतिया में खराब पड़ा है। वजह ये है कि महामारी के बाद रतिया में प्लांट का प्रयोग नहीं किया गया और सेंसर खराब हो गए। अब विभाग ने इसे ठीक करवाने के लिए एस्टीमेट तैयार करके मुख्यालय भेजा है।
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खुद की लैब बंद, अग्रोहा भेजे जाएंगे सैंपल
कोरोना महामारी के दौरान आरपीसीआर सैंपलों की जांच के लिए बड़ोपल के सीएचसी में मॉलिक्युलर लैब शुरू की थी। ये लैब मुश्किल से एक साल भी नहीं चल पाई, फिलहाल ये बंद है। हालात ये है कि आरटी-पीसीआर सैंपलों को जांच के लिए अग्रोहा मेडिकल भेजा जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि जिले में ऐसी कोई स्थिति नहीं है। फिर भी विभाग की तरफ से पूरी तैयारियां की जा रही है। शुक्रवार को हुई मासिक बैठक में निर्देश भी दिए गए है कि कोरोना महामारी के दौरान जो संसाधन थे, उन्हें एक्टिव कर लें।
- डॉ. कुलप्रतिभा, सिविल सर्जन