फतेहाबाद। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं जल्द पूरी करने का दावा किया था लेकिन जिला नागरिक अस्पताल में अब तक न आईसीयू तैयार हो पाई है और न ही गांव बड़ोपल में आरपीसीआर लैब शुरू हुई है। विदेशों से सामान और मशीनरी न पहुंच पाने के कारण दोनों ही प्रोजेक्ट अब तक सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। जबकि कोरोना संक्रमण धीरे-धीरे दोबारा दस्तक देने लगा है।
अधिकारी खुद मान रहे है कि कोरोना दस्तक देने लगा है और वह लड़ने के लिए भी तैयार हैं लेकिन अभी हथियारों की कमी है। नागरिक अस्पताल में 10 बेड की आईसीयू तैयार करने का काम पीडब्ल्यूडी बीएडंआर को दिया गया है, इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। अत्याधुनिक आईसीयू में ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाने व अन्य उपकरणों के कनेक्शन जोड़ने का काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक एयर और वैक्यूम जनरेटर नहीं आए हैं। ये जनरेटर यूएसए से आने है। इनके आने के बाद ही फाइनल कनेक्शन होंगे। संवाद
सप्लाई नहीं जुड़ी, लिफ्ट का काम अटका
नागरिक अस्पताल में आईसीयू तक गंभीर मरीजों को पहुंचाने के लिए लिफ्ट भी लगाई जा रही है। लिफ्ट पर करीब 20 लाख रुपये की लागत आनी है। लिफ्ट लगाने का काम करीब दो माह पहले शुरू हुआ था लेकिन अभी बीच में अटका हुआ है। लोक निर्माण विभाग ही लिफ्ट लगा रहा है। लिफ्ट इंस्टॉल हो चुकी है लेकिन सप्लाई की केबल नहीं डली है। इसके बाद ही लिफ्ट शुरू हो पाएगी।
जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति
अब तक लिए गए कुल सैंपल : 333429
कोरोना संक्रमित मिले : 17838
कोरोना संक्रमित स्वस्थ हुए : 17350
अब तक कोरोना संक्रमितों की मौत : 485
जिले में फिलहाल एक्टिव केस : 3
इन क्षेत्रों में अब तक मिल चुके कोरोना संक्रमित
क्षेत्र संक्रमित मिले
फतेहाबाद शहरी 4654
टोहाना शहरी 2363
रतिया शहरी 1049
रतिया ग्रामीण 2085
भट्टू 2893
बड़ोपल 1059
भूना 2236
जाखल 1499
कोट
नागरिक अस्पताल में आईसीयू तैयार हो रही है, फीटिंग का काम पूरा हो चुका है, बेड आ चुके हैं। जनरेटर यूएसए से आने है, इसलिए देरी हो रही है। उम्मीद है जल्द जनरेटर आ जाएंगे और इसके बाद आईसीयू शुरू हो जाएगी।
- अमित कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी बीएडंआर
कोट
बड़ोपल में आरटीपीसीआर लैब शुरू होने जा रही है, जिसका फतेहाबाद के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। कोरोना सैंपल की रिपोर्ट जल्द मिल जाएगी। लैब तैयार हो चुकी है, जो सामान हमारी तरफ से खरीदा जाना था वह खरीद लिया गया है। आरटीपीसीआर लैब का कुछ सामान मुख्यालय से आना है। लैब से संबंधित अधिकतर सामान विदेश से आता है, इसलिए देरी हो रही है।
- कमलजीत, माइक्रो बायोलॉजिस्ट
बड़ोपल में तैयार हो रही आरटीपीसीआर लैब।- फोटो : Fatehabad
नागरिक अस्पताल में तैयार हो रही आईसीयू।- फोटो : Fatehabad
सिविल सर्जन कार्यालय में रखे बेड।- फोटो : Fatehabad