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Fatehabad News: गारंटी के बावजूद नहीं किया उपभोक्ता का मोबाइल ठीक, कंपनी को 5500 रुपये का हर्जाना देने के आदेश

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फतेहाबाद। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मोबाइल फोन ठीक न करने पर उपभोक्ता को लाभ देते हुए मोबाइल फोन कंपनी व उसके ग्राहक सेवा केंद्र पर साढ़े हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके अलावा एक माह के भीतर उपभोक्ता का मोबाइल फोन ठीक करने के आदेश भी दिए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि अगर उपभोक्ता का मोबाइल फोन एक माह में ठीक नहीं किया गया तो संबंधित को 3 साल कैद व 1 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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फोरम के फैसले के अनुसार, गांव धांगड़ निवासी राजेश कुमार ने दुकान से 8 अक्तूबर 2021 को 29,999 रुपये में वन प्लस नोट-2 मोबाइल फोन खरीदा था। खरीद के समय मोबाइल फोन पर एक साल की गारंटी भी दी गई थी। मोबाइल फोन के उपयोग के कुछ दिनों बाद ही उसकी डिस्पले मोबाइल से हट गई। जब उसने इस मामले में दुकान मालिक से बात की तो उसने सर्विस सेंटर पर बात करने को कहा। इस पर राजेश ने हिसार स्थित वन प्लस सर्विस सेंटर पर संपर्क किया तो उन्होंने मोबाइल फोन कि डिस्पले बदलने से इन्कार कर दिया। इस पर राजेश ने उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में याचिका डाल दी। याचिका में उसने स्थानीय मोबाइल विक्रेता, हिसार में स्थित वन प्लस सर्विस सेंटर व वन प्लस टेक्नोलाॅजी कंपनी बेंगलुरू को पार्टी बनाया था।

मामले की सुनवाई करते हुए उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य केएस निरानिया व हरीश मेहता ने मामले की सुनवाई करते हुए इस मामले में हिसार स्थित वन प्लस के सर्विस सेंटर व बेंगलुरू स्थित कंपनी को दोषी मानते हुए 1 माह के अंदर उपभोक्ता का मोबाइल फोन ठीक करने व परेशानी उठाने को लेकर उपभोक्ता को 5500 रुपये हर्जाने के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। अगर 1 माह के भीतर आदेशों की पालना नहीं हुई तो संबंधित को अधिकतम 3 साल की कैद व 1 लाख रुपये जुर्माना भी लग सकता है।
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