जाखल। जाखल से कासिमपुर के बीच स्थित घग्घर नदी के जर्जर और संकरे पुल को बदलने की दशकों पुरानी मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। रविवार को जींद सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर इस पुल के निर्माण कार्य का शुभारंभ करवा दिया है। इसके निर्माण से आसपास के गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
जाखल से टोहाना शहर को जोड़ने वाले पथ पर स्थित दशकों पुराने घग्घर नदी के पुल को तोड़कर नया पुल बनाया जाएगा। इस कार्य के लिए सिंचाई विभाग जींद द्वारा करीब आठ करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। पुल निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तथा अंतिम चित्र तैयार किए गए हैं। इस पुल को पहले से 6 फीट ऊंचा उठाया जाएगा। इसकी लंबाई 68 मीटर और चौड़ाई साढ़े सात मीटर होगी।
सबसे खास बात यह है कि जाखल से टोहाना जाने वाले मार्ग पर इस पुल को दो रास्तों से उतारा जाएगा। इसमें एक रास्ता गांव कासिमपुर तथा दूसरा रास्ता नडेल गांव की तरफ जाएगा। इसका निर्माण दो वर्ष में पूरा होगा। प्रशासन का दावा है कि आगामी मानसून सीजन से पहले यहां घग्गर नदी के अंदर बुर्जियों को खड़ा कर दिया जाएगा। रविवार को आए सिंचाई विभाग के अफसरों ने स्थिति का जायजा लिया तथा साथ ही घग्गर नदी के पुल निर्माण के बीच में आने वाली जमीनों के लिए किसानों से चर्चा की।
इस पुल के निर्माण को लेकर काफी दिक्कतें आ रही थी। घग्गर नदी का उक्त पुल संकरा और जर्जर होने के चलते बीते वर्ष मानसून सीजन में आई बाढ़ ने क्षेत्र में खूब तबाही मचाई थी। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से पुल को ऊंचा उठाकर नया बनाने की मांग की जा रही थी। इस पुल के निर्माण को लेकर राज्यसभा सांसद सुभाष बराला की अहम भूमिका रही हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों की बात को प्रमुखता से उठाते हुए अधिकारियों को जल्द इसका निर्माण शुरू करने के निर्देश दिलवाए। संवाद
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10 से अधिक गांवों के लोगों को मिलेगा बड़ा फायदा
नवीनीकरण कार्य में पुल का स्वरूप बदला जाएगा। मौजूदा समय में पुल संकरा होने से यातायात प्रभावित और कई बार बाधित होता है। मानसून सीजन में घग्घर नदी में पानी अधिक आने पर पानी पुल के किनारों से टकराता है। मगर अब इन समस्याओं का समाधान हो जाएगा। पुल निर्माण से ग्रामीणों को जाखल-टोहाना पहुंचने के लिए आसानी होगी। इससे गांव नडेल, कासमपुर, पूर्णमाजरा, कुदनी, उदयपुर, हिम्मतपुरा, सिंबल सहित मामूपुर, चूहड़पुर व गिरनो आदि गांवों के लोगों काे फायदा होगा।
:: किसानों की मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इस पुल का निर्माण होने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। लंबे समय से किसान पुल के निर्माण की मांग कर रहे थे।
-अवतार सिंह, क्षेत्रवासी
:: जाखल-कासिमपुर रोड पर बना पुल काफी नीचा है, जब-जब बारिश का पानी घग्घर नदी में आता था तो इस पुल से टकराने से काफी नुकसान होता था। किसानों की फसल बर्बाद हो जाती थी। राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला ने साल 2018 में किसानों को आश्वासन दिलाया था कि इस पुल का निर्माण जल्द करवाया जाएगा। उन्होंने सरकार से इसे पास करवाने का काम किया।
-जगजीत सिंह, क्षेत्रवासी
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:: पुल के निर्माण कार्य से जाखल खंड के किसानों को भरपूर लाभ मिलेगा। जब-जब घग्घर नदी ने रौद्र रूप दिखाया है, तब-तब यहां तबाही मची है। इस पुल के ऊंचा होने से पानी सीधा निकलेगा, इससे बाढ़ का खतरा टल सकेगा।
-हरीश गर्ग, क्षेत्रवासी
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:: इस पुल के निर्माण कार्य को लेकर टीम ने मौका देखा है, रविवार से काम शुरू करवा दिया गया है। पुल निर्माण में करीब 8 करोड़ लागत आएगी। पुल को ऊंचा व चौड़ा बनाया जाएगा। कार्य अवधि का समय दो वर्ष है। बारिश के सीजन से पहले घग्गर नदी के अंदर बुर्जियों को खड़ा कर दिया जाएगा।
-अजय कुंडू, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग, जींद।