फतेहाबाद। गांव अहलीसदर के एक व्यक्ति ने शहर के एक निजी अस्पताल के संचालक पर उसके आपरेशन से पहले लापरवाही बरतने का आरोप लगाए हैं। इसको लेकर बुधवार को अहलीसदर के ग्रामीण अस्पताल के बाहर पहुंच गए और हंगामा किया।
मामले के मुताबिक मरीज नानकचंद ने बताया कि उसने करीब एक साल पहले इसी अस्पताल में अपने पांव में लोहे की रॉड डलवाई थी। रॉड से उसे दर्द होने लगा तो वह शनिवार को अस्पताल के चिकित्सक से मिला। चिकित्सक ने उसे कहा था कि आपका ऑपरेशन करके लोहे की रॉड निकाल दी जाएगी। इसके लिए चिकित्सक ने उसको सोमवार को बुलाया था। सोमवार को जब वह अस्पताल आया तो एनेथिसिया का चिकित्सक बुलाने की जगह चिकित्सक ने अपने कंपाउंडर से उसे पांच बार बेहोशी का टीका लगवाया, लेकिन वह बेहोश नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सक ने उसे अगले दिन ऑपरेशन की बात कही। नानकचंद ने बताया कि अब चिकित्सक उसे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं और टीके लगने की वजह से उसकी पीठ में भयंकर दर्द हो रहा है। ग्रामीण का आरोप था कि चिकित्सक ने एनथेसिया का चिकित्सक नहीं बुलाया, क्योंकि विशेषज्ञ चिकित्सक को पता होता है कि कैसे बेहोशी के लिए टीका लगाया जाता है। ऑपरेशन के दौरान एनेथिसिया चिकित्सक मौजूद रहता है।
कोट
निजी अस्पताल में लापरवाही को लेकर शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच की जाएगी।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन