रतिया में नारेबाजी करते हुए कमेटी सदस्य। संवाद
- फोटो : शिवपुर में चल रहे क्रिकेट मैच में बैटिंग करता खिलाड़ी।
रतिया। वार्ड 4 में प्राचीन गोशाला और श्रीकृष्ण गोशाला के बीच जमीन के बारे में चल रहे विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ लिया। प्राचीन गोशाला में मामले की जांच करने पहुंचे एसडीएम सुरेंद्र सिंह के व्यवहार से खफा कमेटी के सदस्यों ने एसडीएम और हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मामला तब उभरा जब प्राचीन गोशाला के सदस्यों ने कुछ दिन पहले गोशाला में सेवा फिर से शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद श्रीकृष्ण गोशाला के सदस्यों ने कुछ जमीन पर अपना हक जताते हुए निर्माण कार्य पर एसडीएम से शिकायत की। पहले ही थाने में पंचायत हो चुकी थी, जिसमें हाथापाई तक हो गई थी। सोमवार को श्रीकृष्ण गोशाला के सदस्यों ने जिला उपायुक्त को शिकायत भेजकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की और जमीन पर अपने दस्तावेज पेश किए।
जिला उपायुक्त के निर्देश पर मंगलवार को एसडीएम सुरेंद्र सिंह, एसपी दिव्यांशी सिंगला और रतिया सिटी थाना अध्यक्ष पुष्पा सिहाग प्राचीन गोशाला पहुंचे। उन्होंने प्राचीन गोशाला कमेटी के सदस्यों से जमीन संबंधी दस्तावेज मांगे और मामले की जानकारी ली। अध्यक्ष बंटी सिंगला और अन्य सदस्यों ने कहा कि गोशाला उनकी आस्था का केंद्र है और अन्य कमेटी इसे बेचने का प्रयास कर रही है, जबकि उनका उद्देश्य गोसेवा है।
एसडीएम जब जमीन बेचने के सबूत मांगने लगे तो सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन पर दबाव डालकर बोलने को कहा जा रहा है। इससे नाराज होकर प्राचीन गोशाला के सदस्य भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और अन्य अधिकारियों ने सदस्यों को शांत कराया।
आज दोनों पक्षों को बुलाया कार्यालय
एसडीएम ने बताया कि वह जिला उपायुक्त के निर्देश पर निष्पक्ष जांच करने आए थे और दस्तावेज मांगने पर आरोप लगाए गए। उन्होंने बुधवार को दोनों पक्षों के 5-5 सदस्यों को एएसपी कार्यालय में अपने दस्तावेजों के साथ बुलाकर मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। अब दोनों पक्षों के दस्तावेजों के आधार पर विवाद सुलझाने की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने और सहयोग करने की अपील की है।