फतेहाबाद। शहर में करीब 20 हजार प्री असेसमेंट नोटिस बांटे जा चुके हैं। इसमें से 1320 आपत्तियां दर्ज हो चुकी है। प्री असेसमेंट नोटिस में सबसे ज्यादा आपत्तियां प्रॅापर्टी के साइज को लेकर हैं। किसी की प्रॉपर्टी का साइज गलत है तो कहीं रिहायशी प्रॉपर्टी को कॉमर्शियल दिखाया गया है। इसके अलावा कई प्रॉपर्टी में किसी एक की जगह दो मंजिल दिखा रखी है।
नगर निकाय ने याशी कंपनी से प्रॉपर्टी असेसमेंट को लेकर सर्वे करवाया था और उनके नोटिस डोर टू डोर पहुंचाने का काम पूरा हो गया। शहर फतेहाबाद में करीब 1010 प्रॉपर्टी मालिकों ने नोटिस लेने से मना कर दिया, इसके अलावा शहर में 20 हजार प्री असेसमेंट नोटिस बांटे जा चुके हैं। अब कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट कह दिया है कि 23 मार्च तक आपत्तियां ठीक करवा लें, नहीं तो प्री असेसमेंट में जो डाटा दिया गया है उसे फाइनल मान लिया जाएगा और उसके नगर परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज करवा दिया जाएगा। नगर परिषद द्वारा जो भी प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जाएंगे, उन्हें इसी असेसमेंट के आधार पर जारी किया जाएगा। यानि की असेसमेंट के नए सर्वे से पहले ये ही डाटा नप के पास दर्ज रहेगा। एजेंसी के अधिकारियों की माने तो अब तक 1320 आपत्तियां दर्ज हो चुकी है।
नप टीम के साथ मौके पर जाएंगे कंपनी के अधिकारी
प्री असेसमेंट नोटिस में जिन प्रॉपर्टी की साइज को लेकर आपत्तियां उन्हें ठीक होने में 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। अधिकारियों की माने साइज को लेकर आपत्तियों के लिए कंपनी अधिकारियों के साथ नप टीम जाएगी और वह मौके पर जाकर सर्वे करेगी। इसके अलावा प्री असेसमेंट में नाम की गलतियों को दो से तीन दिन में ठीक किया जा रहा है।
27 को जगजीवनपुरा पार्क में होगा खुला अधिवेशन
निकाय विभाग द्वारा थोपे गए गैर कानूनी विकास शुल्क एवं नए सर्वे के आधार पर जारी प्रॉपर्टी असेसमेंट के सूचना पत्रों में गड़बड़ियों को लेकर 27 फरवरी रविवार को शाम 4 बजे जगजीवनपुरा स्थित दीन दयाल उपाध्याय पार्क में खुले अधिवेशन का आयोजन किया जाएगा। इसका निर्णय नागरिक अधिकार मंच फतेहाबाद की कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया जिसमें शहर की विभिन्न सामाजिक व व्यापारिक संस्थाओं के प्रबुद्ध लोग शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता मंच के वरिष्ठ सदस्य नौरंग यादव व संचालन संयोजक मोहन लाल नारंग ने किया। इसके बाद मंच का एक प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त व अतिरिक्त उपायुक्त से भी मिला और उ्हें इन समस्याओं से अवगत करवाते हुए इनका समाधान करने की मांग की। वरिष्ठ सदस्य महेंद्र कुमार धारनिया एडवोकेट ने कहा कि नए सर्वे के आधार पर बांटे जा रहे प्रॉपर्टी असेसमेंट के सूचना पत्रों में गलतियों की भरमार है, जिसको लेकर आम जनता परेशान है। उन सूचना पत्रों को सिरे से रद्द करने तथा प्रॉपर्टी धारकों की मौजूदगी में सर्वे रिपोर्ट तैयार करवाने, नो ड्यूज सर्टिफिकेट मैनेजमेंट सिस्टम’ में दर्ज गलत सूचनाओं को तुरंत सुधारने व जिन लोगों द्वारा पहले विकास शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स आदि जमा करवा रखा है, उसे सिस्टम में दुरुस्त कर उनके खातों में जमा करने की मांग है। बैठक में मंच सदस्य मोहन लाल नारंग, देवी लाल एडवोकेट, अशोक मक्कड़ पूर्व एसडीओ, महेंद्र सिंह वधवा, हरदीप सिंह, दुष्यंत शर्मा, संजीव गेरा, रमेश गिलहोत्रा, कृष्ण लाल, राजेंद्र आहूजा, प्रेम मित्तल, राजेंद्र गर्ग, डॉ. लक्ष्मी गोस्वामी, एलडी मेहता, पुष्पराज एडवोकेट, भगवंत सेठी, हेतराम सहारण, राजीव सेतिया, जसबीर भयाना, निशांत तनेजा, पूनम रत्ती, चंद्र भान चोपड़ा, कर्म चंद सरदाना, सुरजीत मेडल, गोबिंद चौधरी, रोशन, भीम सैन मेहता, राजेश सरदाना, अंकुश आनंद, महेश मक्कड़ सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
शहर में प्री असेसमेंट को लेकर स्थिति
शहर में कुल यूनिट : 27 हजार
खाली प्लॉट : 6 हजार करीब
नोटिस बांटे गए : 20 हजार
नोटिस नहीं लिए गए : 1010
आपत्तियां पहुंची : 1320
कोट
प्रॉपर्टी प्री असेसमेंट के 20 हजार नोटिस बांटे जा चुके हैं, करीब एक हजार मालिकों ने लेने से मना कर दिया है। जिन लोगों को नोटिस मिल गया है वह अपनी आपत्तियों को एक माह के अंदर ठीक करवा सकते हैं।
-कौशल सरदाना, सुपरवाइजर, याशी कंपनी
फतेहाबाद नगर परिषद कार्यालय में प्री असेसमेंट नोटिस में गलतियां ठीक करवाने पहुंचे लोग।- फोटो : Fatehabad