सांप के काटने के बाद भी पवन जोगपाल ने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मशक्कत करके कोबरा का रेस्कयू कर लिया। कोबरा को कब्जे में लेकर उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। उसके तुरंत बाद स्नैकमेन पवन जोगपाल ने नागरिक अस्पताल जाकर अपना इलाज करवाया।
फतेहाबाद जिला मुख्यालय से भूना रोड पर स्थित गांव जांडली कलां में कोबरा सांप देखा गया। कोबरा सांप ईंटों के ढेर के पीछे छुपा हुआ था। जैसे ही परिवार की नजर इस सांप पर पड़ी तो परिवार के सदस्य घबरा गए। परिवार ने स्नैकमेन पवन जोगपाल को फोन किया और उससे सांप को पकड़ने का आग्रह किया। सूचना मिलते ही पवन जोगपाल गांव जांडली कलां पहुंचे। उसने ईंटों के ढेर से कोबरा सांप का रेस्कयू शुरू किया।
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ईंटों को हटाने पर उसे सांप दिखाई दिया। उसने अपनी स्टिक से सांप को बाहर निकाला। इसी बीच रेस्कयू के दौरान कोबरा सांप ने अचानक पवन जोगपाल पर हमला कर दिया। कोबरा सांप ने पवन जोगपाल के घुटने पर डंक मार दिया। सांप के काटने के बाद भी पवन जोगपाल ने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मशक्कत करके कोबरा का रेस्कयू कर लिया। कोबरा को कब्जे में लेकर उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। उसके तुरंत बाद स्नैकमेन पवन जोगपाल ने नागरिक अस्पताल जाकर अपना इलाज करवाया। चिकित्सकों के अनुसार पवन की हालत ठीक है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पवन जोगपाल ने बताया कि सांप काफी बड़े आकर का था और बहुत ही फुर्तीला था। रेस्क्यू करते समय बहुत ही तेजी के साथ सामने आया और उसने उसके घुटने पर काट लिया। कोबरा को पकड़ने के बाद उसने बिना किसी देरी के सीधे नागरिक अस्पताल पहुंच कर अपना इलाज करवाया। पवन ने आम जन से भी आह्वान किया कि कभी भी कोई सांप काट ले तो अंधविश्वासों में पड़ने के बजाय सीधे अस्पताल जाकर इलाज करवाएं।