फतेहाबाद के डीआरओ कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करते सीएम फ्लाइंग के सदस्य।
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हिसार की टीम ने वीरवार को जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में दबिश दी। यहां पहले अधिकारियों व कर्मचारियों की हाजिरी जांची गई। इसके बाद 2021-2022 व 2023 के फसल मुआवजे संबंधी रिकॉर्ड को खंगाला गया। करीब पांच घंटे से भी अधिक समय तक टीम जांच करती रही। हालांकि, कार्रवाई के दौरान डीआरओ, उसका रीडर, कंप्यूटर ऑपरेटर व ड्राइवर तक छुट्टी पर मिले। रीडर के नहीं होने से टीम को इंपाउंड वसीकाएं नहीं मिल सकी। इसलिए उड़दनस्ते की कार्रवाई अधूरी रह गई। अब फिर से उड़नदस्ते द्वारा जांच की जाएगी।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता हिसार से एएसआई सुरेंद्र सिंह, एएसआई अनिल कुमार, ईएसआई जयबीर सिंह की टीम जिला राजस्व कार्यालय में कर्मचारियों के समय पर हाजिर नहीं होने व अनियमितताएं बरतने की सूचना पाकर फतेहाबाद पहुंची। यहां डीसी से संपर्क करके खजाना अधिकारी राकेश कुमार को सक्षम चेकिंग अधिकारी नियुक्त करवा कर टीम वीरवार सुबह 9.16 बजे डीआरओ कार्यालय पहुंची। मगर डीआरओ राजकुमार भौरिया छुट्टी पर मिले। इसके बाद सदर कानूनगो शाखा में एडहॉक पर कार्यरत रामेश्वर पटवारी गैरहाजिर मिले। डीआरए शाखा में तैनात टीआरए भगतसिंह के बारे में पूछा गया तो टीम को बताया गया कि इस कर्मचारी की रतिया तहसील में ड्यूटी है। वह सप्ताह में दो दिन जिला राजस्व लेखा शाखा में अतिरिक्त ड्यूटी करता है। वीरवार को उसकी रतिया तहसील में ड्यूटी थी।
इंपाउंड की गई वसीकाओं में गड़बड़ी मिलने की आशंका
टीम ने बाकी ब्रांचों में निरीक्षण के बाद डीआरओ की रीडर ब्रांच में भी निरीक्षण किया। यहां रीडर विजय और कंप्यूटर ऑपरेटर सारिका अपने कार्यालय में नहीं मिले। पूछने पर अन्य कर्मचारी ने बताया कि दोनों ने छुट्टी दी हुई है। मगर छुट्टी की एप्लीकेशन पर किसी सक्षम अधिकारी की मंजूरी नहीं थी। रीडर के छुट्टी पर होने के कारण टीम को इंपाउंड वसीकाओं का रिकॉर्ड नहीं मिल सका। कयास लगाए जा रहे हैं कि इंपाउंड की गई वसीकाओं में गड़बड़ी की आशंका है।
यह दी गई फसल मुआवजे संबंधी जानकारी
उड़नदस्ते की टीम को डीआरओ कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि खरीफ 2021 की खराब हुई फसल के मुआवजे के तौर पर प्रदेश सरकार की ओर से जिले में 112 करोड़ 39 लाख 71 हजार 750 रुपये भेजे गए थे। इनमें से 79 करोड़ 10 लाख 68 रुपये वितरित किए गए। 21 करोड़ 16 लाख 75 हजार रुपये सरकार को वापस भेजे गए। 12 करोड़ 71 लाख 49 हजार 730 रुपये ब्याज सहित शेष किसानों को वितरित करने के लिए बकाया है। खरीफ 2022 की फसल के मुआवजे के लिए वित्तायुक्त के माध्यम से सरकार ने 125 करोड़ 15 लाख 78 हजार रुपये भेजे। इसमें से 4 करोड़ 55 लाख 67 हजार 643 रुपये वितरित किए गए हैं। 102 करोड़ 67 लाख 91 हजार रुपये ऑनलाइन सरेंडर कर दिए गए हैं। 17 करोड़ 92 लाख 19 हजार 357 रुपये किसानों को वितरित करने के लिए बकाया है। वित्तायुक्त द्वारा 20 फरवरी को खरीफ 2022 में ई-खरीद पोर्टल पर फसल बेचने वाले किसानों और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पंजीकृत किसानों की सूची मांगी गई थी। दोनों सूची सरकार को भेजते हुए खरीद 2022 का मुआवजा वितरण जारी रखने के लिए वित्तायुक्त को लिखा गया था। इसका जवाब अभी तक मिला नहीं है। इसलिए वर्तमान में खरीफ 2022 का मुआवजा वितरण कार्य रोका हुआ है। वर्ष 2023 में बाढ़ से खराब हुई फसल के मुआवजे से वंचित किसानों में से जिन्होंने दोबारा बिजाई की थी, उनको सात हजार रुपये मुआवजा प्रदान करने के लिए उपायुक्त ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की सिफारिश की हुई है।
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