फतेहाबाद। पीड़ित बच्चों को न्याय देने के लिए जिला स्तर पर चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क शुरू होने जा रहा था। लेकिन इसकी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग गई है। इसके चलते जिला मुख्यालय पर खुलने वाला चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क प्रोजेक्ट रुक गया है। फिलहाल चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क शुरू नहीं हो पाएगा। जिला मुख्यालय में करीब 26 साल बाद चाइल्ड हेल्प लाइन डेस्क शुरू होने जा रहा था। बताया जा रहा है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर मामला कोर्ट में जाने के कारण रोक लगाई गई है।
चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क को लेकर 10 पदों पर भर्ती होनी है। बताया जा रहा है कि अप्रैल माह से भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। जुलाई माह में एडीसी की अध्यक्षता में कमेटी ने साक्षात्कार लेने थे। इसके बाद इसे सितंबर माह में तय किया गया लेकिन अब रोक लगा दी गई है। चाइल्ड हेल्प लाइन डेस्क के लिए कोऑर्डिनेटर, काउंसलर, केस वर्कर, सुपरवाइजर, सोशल वर्कर समेत 10 पदों पर भर्ती होनी है। संवाद
पहले एनजीओ के पास थी कमान
चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क की कमान पहले एनजीओ के पास थी। हालांकि जिला मुख्यालय में एनजीओ नहीं थी। हिसार एनजीओ के पास केस को फतेहाबाद के जिला बाल संरक्षण कार्यालय के पास भेजा जाता था। लेकिन अब एनजीओ से भी कमान ली जा चुकी है। अब चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और डायल 112 पर शिकायत आती है तो संबंधित जिला बाल संरक्षण अधिकारी कार्यालय के पास केस को भेजा जाता है।
चाइल्ड हेल्पलाइन शुरू हुआ तो होगा फायदा
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के लिए कोई अलग से जिलास्तर पर हेल्प डेस्क नहीं है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर मदद के लिए आने वाली शिकायतें पंचकूला मुख्यालय के नोडल हेल्प डेस्क पर जाती हैं, जिन्हें वहां से ही संबंधित जिलों के बाल संरक्षण अधिकारी के समक्ष कार्रवाई के लिए भेजा जा रहा है। इसको लेकर न केवल कई बार देरी हो जाती है, बल्कि बाल संरक्षण अधिकारी के पास पर्याप्त स्टाफ नहीं होने की वजह से ज्यादातर शिकायतों पर समय रहते कदम उठाना भी संभव नहीं हो पाता है। अगर जिला मुख्यालयों पर चाइल्ड हेल्प लाइन डेस्क शुरू होता है तो जल्द तुरंत न्याय मिलने की उम्मीद रहेगी।
स्कूल में पीटने तो किसी की पापा को डांटने की शिकायत :
चाइल्ड हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में ज्यादातर स्कूल में शिक्षक के पीटने की या फिर फीस मांगने की रहती है। इसके अलावा बच्चे घरेलू विवाद को लेकर भी शिकायतें कर रहे हैं। पापा के डांटने पर भी बच्चे हेल्पलाइल पर मदद मांग रहे हैं। इसके अलावा छेड़खानी से संबंधित शिकायतें भी चाइल्ड हेल्पलाइन पर आ रही है।
चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क शुरू होना था लेकिन मुख्यालय से पत्र आया है और उसके अनुसार एक बार रोक लगा दी गई है। हालांकि चाइल्ड हेल्प लाइन पर जो शिकायतें हैं वह उनके पास आ रही हैं और समाधान भी किया जा रहा है। चाइल्ड हेल्पलाइन डेस्क उम्मीद है जल्द शुरू हो जाएगा।
- शिव कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी