फतेहाबाद। नगर परिषद कार्यालय में वीरवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने छापा मारा। डीएसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में टीम पहुंची और कई टेंडरों के दस्तावेजों की जांच की। टीम के आने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मच गई।
टीम ने करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया और टेंडर से संबंधित दस्तावेज जांचे। इसके अलावा अधिकारियों व कर्मचारियों की हाजिरी भी जांची। जांच के दौरान सामने आया कि कचरा निस्तारण प्लांट पर एजेंसी द्वारा कोताही बरती गई है, जिसको लेकर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।
टीम ने नगर परिषद द्वारा लगाए गए कूड़ा निस्तारण, बंदरों के पकड़ने, सफाई ठेका, डोर टू डोर कचरा उठान, तिरंगा लाइट खरीद ठेका से संबंधित टेंडर के दस्तावेजों की जांच की। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ अनिल कुमार, एसआई राजेश कुमार, साधुराम, रिछपाल सिंह भी मौजूद रहे। टीम ने नगर परिषद सफाई, गृहकर, तकनीकी शाखा का भी निरीक्षण किया और रिकॉर्ड जांचा।
- पानी के टैंकरों का जांचा रिकॉर्ड
टीम ने तत्कालीन राज्यसभा सदस्य मेजर जनरल डीपी वत्स द्वारा नगर परिषद को पांच टैंकर पानी के दिए थे। टीम ने जांच की तो दो टैंकर नगर परिषद कार्यालय, एक टैंकर शिवपुरी, एक टैंकर काजलहेड़ी गोशाला व एक टैंकर शिव भोले नंदीशाला में भेजा मिला। इसको लेकर पिछले दिनों शिकायत भी लगाई गई थी।
- 20 फीसदी कचरे का नहीं हुआ निस्तारण
टीम ने मुख्य कचरा संग्रह स्थल का निरीक्षण भी किया। यहां पर 20 फीसदी कचरे का निस्तारण नहीं मिला। जबकि डिंगमैन पॉवर एवं सिक्योरिटी सर्विस को 7 मार्च 2024 से 14 सितंबर तक ठेका दिया हुआ है। 17 दिसंबर को नोटिस देने के बाद भी काम पूरा नहीं किया गया। इसके अलावा 26 दिसंबर को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम भी लापरवाही बरतने को लेकर 6 लाख का जुर्माना कर चुकी है।
- 227 बंदर पकड़े जा चुके हैं
टीम ने बंदरों को पकड़ने के लिए दिए गए ठेके का रिकॉर्ड भी जांचा। इस दौरान पाया गया कि 2200 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से ठेका दिया गया है। 18 जुलाई 2024 से लेकर 9 सितंबर 2024 तक 227 बंदर पकड़े जा चुके हैं।