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नप में गड़बड़झाला की शिकायतों पर सीएम फ्लाइंग की छापेमारी, तीन घंटे जांच के बाद रिकॉर्ड कब्जे में लिया

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फतेहाबाद। नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर गड़बड़झाला की मिल रही शिकायतों के चलते मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कार्यालय में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे दबिश दी। टीम नगर परिषद के ईओ कार्यालय में पहुंची। यहां पर टीम ने कर्मचारियों से नगर परिषद के प्रॉपर्टी आईडी, बिल्डिंग नक्शा, दुकानों का किराया संबंधित रिकॉर्ड को लेकर पूछताछ की। टीम करीब तीन घंटे तक नगर परिषद कार्यालय में रिकॉर्ड जांचती रही। दोपहर करीब तीन बजे टीम नप से रिकॉर्ड इकट्ठा कर अपने साथ ले गई। टीम की इस कार्रवाई के दौरान कार्यालय में हड़कंप की स्थिति रही। अहम बात यह रही कि नगर परिषद के तमाम बड़े अफसर सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई के दौरान गायब रहे।
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नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी जारी करवाने और उसमें आपत्ति को ठीक करवाने के लिए लोगों को चक्कर कटवाने और दलालों के जरिये काम होने की मिल रही शिकायतों के चलते शुक्रवार दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने नगर परिषद कार्यालय में पहुंची। टीम में हिसार से इंस्पेक्टर रिछपाल, सब इंस्पेक्टर रणधीर, जयपाल, एचसी दिनेश कुमार शामिल रहे। टीम ने नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी आईडी के अब तक आए आवेदन, जारी कितने हुए और कितने आवेदन बकाया है और किस स्तर पर फाइल रुकी है। इसका रिकॉर्ड लिया। नगर परिषद की दुकानें कितनी है और कितना किराया आया है और अब तक कितना बकाया है। नप में बिल्डिंग नक्शे के लिए कितनी फाइलें आई हैं और कितने नक्शे पाए किए गए हैं और अब कितने रुके हुए हैं। इसको लेकर रिकॉर्ड की जांच की। अधिकारियों ने रिकॉर्ड इकट्ठा कर अपने साथ ले गए।
पूर्व प्रधान के कार्यकाल में पास किए गए प्रस्तावों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया
नगर परिषद के पूर्व प्रधान दर्शन नागपाल के कार्यकाल के दौरान कितने प्रस्ताव रखे गए और कितने प्रस्ताव पास हुए। इसके अलावा पिछले एक साल में कितने कार्य हुए हैं इसको लेकर भी टीम ने रिकॉर्ड कब्जे में लिया है।
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पैसे देकर नप में काम करवाने वालों से लिए जा सकते है शपथ पत्र :
प्रॉपर्टी आईडी बनवाने और उसे ठीक करवाने के लिए दलालों और कर्मचारियों की मिलीभगत को लेकर सीएम फ्लाइंग सुबूत जुटा रही है जिन्होंने पैसे देकर काम करवाया है। पिछले दिनों कई मामले सामने आए थे, जिसमें शिकायत देकर आरोप लगाया गया था कि दलालों ने प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने के लिए राशि ली है। ऐसे लोगों से सीएम फ्लाइंग शपथ पत्र लेकर कार्रवाई कर सकती है।
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