फतेहाबाद। गांव भिरड़ाना के दो चचेरे भाइयों को कनाडा वाया मलयेशिया भेजने के नाम पर 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने एक-एक लाख रुपये लेकर पहले टूरिस्ट वीजा पर मलयेशिया भेज दिया और वहां पर दो माह तक होटल में ठहरा कर कनाडा का फर्जी वीजा थमा कर फरार हो गए। इसके बाद किसी तरह से दोनों भाई मलयेशिया से गांव लौटे। इस संबंध में गांव भिरड़ाना निवासी दूमन सिंह ने सदर थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने मामले में आरोपी पंजाब के लुधियाना निवासी नितिन गोयल तथा मलयेशिया निवासी हैप्पी के खिलाफ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी व गबन के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में दुमन सिंह ने बताया कि उसका भांजा पुर्तगाल में रहता है, जो कि वहां से अपने मां-बाप के लिए रुपये भेजता है। रुपये चेंज करवाने के लिए जब लुधियाना के जगरावां निवासी नितिन गोयल से मिले। नितिन गोयल ने बताया कि वह कनाडा और मलेशिया भेजने का वीजा लगवाता है। 28 जून को आरोपी घर पर आया और उसने कनाडा भेजने का प्रलोभन दिया। इसके बाद आरोपी दो लाख रुपये मलयेशिया का वीजा लगवाने के लिए ले गए। इस दौरान आरोपी नितिन गोयल ने मलयेशिया में हैप्पी से भी बात करवाई। इसके बाद आरोपियों को कृष्ण और प्रवीन कनाडा भेजने के लिए अपने दस्तावेज दे आए। इसके बाद आरोपियों ने दोनों चचेरे भाईयों को मलयेशिया भेज दिया। दो-तीन दिन बाद आरोपी नितिन गोयल ने कनाडा के किसी कंपनी की अप्रूव्ल दिखाई और कहा कि वीजा स्टीकर और टिकट के लिए 30 लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद 30 लाख रुपये नितिन गोयल के लुधियाना के जगरावां स्थित चाइना मनी चेंजर में दे आए। लेकिन कनाडा नहीं भेजा गया।
दो माह तक भटकते रहे दोनों भाई
शिकायतकर्ता दुमन सिंह के मुताबिक दोनों चचेरे भाई मलयेशिया के होटल में कनाडा का वीजा मिलने का इंतजार करते रहे। दोनों को करीब दो माह तक रोके रखा गया। इसके बाद आरोपी होटल के ही रिसेप्शन पर कनाडा का फर्जी स्टीकर लगा वीजा और टिकट देकर फरार हो गए। इसके बाद दोनों किसी तरह से मलयेशिया से लौट आए। शिकायतकर्ता के मुताबिक विदेश भेजने के नाम पर गिरोह काम कर रहा है। गिरोह के सदस्य विदेश भेजने के लिए बैंक खाता में रुपये नहीं लेते हैं और वह नकद रुपये लेते हैं। अगर पुलिस पूरी गहराई से जांच करें तो पूरे गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है।