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Fatehabad News: सीवरेज लाइन के प्रोजेक्ट में बदलाव करने से बचेंगे 151 पेड़ व 310 पौधे

Tue, 10 Mar 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के हिसार रोड पर लगे पड़े संवाद
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फतेहाबाद। हिसार रोड स्थित प्रदेश के पहले चार मंजिला बस स्टैंड पर सीवरेज समस्या जल्द हल हो सकती है। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्रोजेक्ट में बदलाव कर नया एस्टीमेट तैयार किया है। अब गहरी सीवरेज लाइन के बजाय पंपिंग लाइन डाली जाएगी जिससे इलाके के 151 पेड़ और 310 पौधों को कटने से बचाया जा सकेगा।
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इस नए प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 2 करोड़ 60 लाख रुपये है। मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द काम शुरू हो सकता है। इससे पहले विभाग ने वन विभाग से सीवरेज लाइन बिछाने के लिए पेड़ों की कटाई की अनुमति मांगी थी और वन विभाग ने 151 पेड़ व 310 पौधों को काटने की अनुमति भी दे दी थी।

नई कार्ययोजना में पंपिंग लाइन के विकल्प को अपनाकर न केवल सीवरेज समस्या का समाधान किया जाएगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। विभाग के अनुसार इस बदलाव से न केवल स्थानीय पेड़-पौधों की रक्षा होगी, बल्कि बस स्टैंड क्षेत्र का सौंदर्य और हरियाली भी बरकरार रहेगी। जनस्वास्थ्य विभाग ने प्रोजेक्ट के अनुमोदन के बाद जल्द ही कार्य आरंभ करने की तैयारी कर ली है।
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नए बस स्टैंड पर बनेगा डिस्पोजल टैंक

जनस्वास्थ्य विभाग के तकनीकी अधिकारियों का कहना है कि हिसार मोड़ मिनी बाईपास से लेकर नए बस स्टैंड तक पहले 15 फीट गहरी सीवरेज पाइप लाइन बिछाई जानी थी लेकिन अब करीब चार फीट गहरी पाइप लाइन बिछेगी। नए बस स्टैंड पर डिस्पोजल टैंक बनेगा। मोटर के जरिये पानी को बड़ी लाइन में निकाला जाएगा।

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तीन साल का इंतजार और बजट की स्थिति

बस स्टैंड को शुरू हुए दो साल से अधिक का समय बीत चुका है जिसमें अभी तक सीवरेज की समस्या बनी हुई है। बस स्टैंड परिसर में सीवरेज व्यवस्था के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को करीब दो साल पहले ही बजट जारी किया जा चुका था। जिसके बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने प्रोजेक्ट के लिए एस्टीमेट बनाया और वन विभाग के पास एनओसी के लिए आवेदन किया। अब जनस्वास्थ्य विभाग ने काम के लिए नए तरीके से एस्टीमेट बनाकर भेजा है।





सेप्टिक टैंक से चल रहा काम

चार मंजिला बस स्टैंड में पिछले तीन साल से अधिक समय से सेप्टिक टैंक के जरिए काम चल रहा है। पूरे बस स्टैंड में करीब 8 शौचालय बने हुए हैं। हजारों लोग रोजाना इस शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग के पास इस टैंक को खाली करवाने का काम है। जो करीब तीन से चार दिनों के बाद सेप्टिक टैंक को खाली करवाता है। अगर एक दिन भी सेप्टिक टैंक खाली नहीं होता है तो बस स्टैंड के सभी शौचालय का बुरा हाल हो जाता है।
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नए बस स्टैंड से लेकर भूना मोड़ तक सीवरेज पंपिंग लाइन बिछाई जाएगी। बस स्टैंड पर डिस्पोजल टैंक बनेगा। एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेजा जा चुका है।

-सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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