फतेहाबाद। जिले में पराली जलने से रोकने में असफल होने पर अब अधिकारियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। फतेहाबाद के एसीडीओ रामेश्वर श्योकंद, भूना के खंड कृषि अधिकारी कृष्ण कुमार और कृषि निरीक्षक सुनील शर्मा को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा तीन और किसानों पर एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। भूना पुलिस थाने में कृषि सुपरवाइजर प्रीति की शिकायत पर गांव नहला क्षेत्र में पराली जलाने पर दो सगे भाइयों पर केस दर्ज किया गया है। दोनों भाई हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र के गांव खेड़ी के रहने वाले हैं। इसके अलावा रतिया में कृषि सुपरवाइजर देवाशीष की शिकायत पर गांव हड़ौली निवासी किसान नैब सिंह के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।
इससे पहले सोमवार को भी तीन किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। साथ ही 19 किसानों की रेड एंट्री दर्ज की गई थी। इन 19 किसानों की अब आगामी दो सीजन तक फसल एमएसपी पर नहीं बिक सकेगी। उधर, लगातार तीसरे दिन भी मौसम में जहरीला धुआं छाया रहा। सुबह से लेकर शाम तक धुएं की परत छाई रही। इस कारण दुपहिया वाहन चालकों ने आंखों में जलन और सांस के मरीजों ने सांस लेने में तकलीफ झेली। हालांकि, लगातार दूसरे दिन भी हरसेक की ओर से जिले में पराली जलने की कोई भी फायर लोकेशन कृषि विभाग को नहीं भेजी गई है।
कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में मची खलबली
जिले में पहले 16 अधिकारियों को नोटिस जारी करने और फिर तीन अधिकारियों को निलंबित करने के बाद पराली प्रबंधन के लिए जागरूकता अभियान में लगे कर्मचारियों व अधिकारियों में खलबली मच गई है। कहीं बीडीपीओ गांवों का दौरा करते नजर आए, तो कहीं थाना प्रभारी सरपंचों से पराली जलाने से रोकने में सहयोग मांगते नजर आए। साथ ही निगरानी में लगी टीमें भी और ज्यादा सक्रिय नजर आईं। गांवों में ग्राम सचिव, पटवारियों व कृषि विभाग के कर्मचारियों की टीमें लगातार निगरानी करती रही।
300 पार हुआ एक्यूआई, स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक
जिले में रविवार सुबह से मौसम में फैला धुआं लगातार तीसरे दिन भी बरकरार रहा। एक्यूआई 313 दर्ज किया गया। प्रदूषण का स्तर हानिकारक स्थिति में पहुंचने के साथ ही स्वास्थ्य पर असर दिखने लगा है। सुबह से ही खेतों से लेकर शहरी क्षेत्र तक में धुएं का असर नजर आया। धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। खासकर, दुपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट चलने वाले वाहन चालकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार के आदेशों की पालना करवाई जा रही है। जो किसान पराली जलाएंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। साथ ही रेड एंट्री भी दर्ज होगी। निगरानी में जुटी टीमों को भी और सक्रियता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, उप निदेशक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग