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Fatehabad: गर्भवती नीलगाय को गोली मारने का मामला, विशेष पर्यावरण अदालत ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

Thu, 28 Mar 2024 11:28 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

फतेहाबाद से 22 मार्च की शाम को नीलगाय को गोली मारने की जानकारी मिली थी। वन्य प्राणी विभाग ने मृत नीलगाय के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। विभाग ने आरोपियों को कुरुक्षेत्र स्थित विशेष पर्यावरण अदालत में पेश किया गया। वहां से न्यायालय ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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फतेहाबाद के टोहाना खंड के गांव पिरथला से ठरवी रोड पर नीलगाय को गोली मारने के दो आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गौरतलब है कि 22 मार्च की शाम को नीलगाय को गोली मारने की जानकारी मिलने पर बिश्नोई समाज के युवाओं सुनील मंत्री और पूर्व सरपंच दलबीर सिंह व अन्य जीव प्रेमियों ने अखिल भारतीय जीवन रक्षा बिश्नोई सभा के पदाधिकारी और वन्य प्राणी भाग को सूचना दी।

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वन्य प्राणी विभाग ने मृत नीलगाय के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद वन्य प्राणी विभाग ने जीव प्रेमियों के सहयोग से जांच शुरू की तो नीलगाय को गोली मारने वाले आरोपी सामने आए। आरोपी फतेहाबाद जिले के गांव भीमेवाला निवासी रामेश्वर वाल्मीकि और हिसार जिले के गांव मंगाली निवासी मोनू वाल्मीकि को वन्य प्राणी विभाग द्वारा गिरफ्तार कर कुरुक्षेत्र स्थित विशेष पर्यावरण अदालत में पेश किया गया। वहां से न्यायालय ने आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनोद कड़वासरा ने बताया कि प्रदेश में फसल रखवाली की आड़ में टोपीदार बंदूक से वन्य जीवों का शिकार किया जाता है। इस कारण वे लोग इस बंदूक पर प्रतिबंध के लिए काफी समय से प्रयासरत थे। गत वर्ष गृह विभाग हरियाणा सरकार ने टोपीदार बंदूकों पर प्रतिबंध लगाते हुए सभी उपायुक्तों को लाइसेंस रद्द करके बंदूक जब्त करने के आदेश दिए थे। मगर अभी भी बहुत से लोग इन बंदूकों को लेकर खेतों में घूमते हैं।
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भारतीय वन्य प्राणी संरक्षण कानून 1972 में संशोधन करते हुए गत वर्ष भारत सरकार ने नीलगाय को अनुसूची तीन से हटकर अनुसूची दो में शामिल कर दिया। अब नीलगाय का शिकार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है क्योंकि इस मामले में मारी गई नीलगाय गर्भवती भी थी। इसलिए न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। युवा जीव प्रेमियों अनिल ढाका, संदीप कुमार, राजेंद्र कुमार, संजय कुमार, कृष्ण कुमार, चंद्रमोहन, ओमप्रकाश , रोहतास, अजय कुमार, सुनील ने भी इलाके में मौजूद अन्य टोपीदार बंदूक धारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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