फतेहाबाद। पुलिस विभाग के ऑपरेशन मुस्कान को लेकर बचपन बचाओ आंदोलन के प्रदेश संयोजक पुनीत शर्मा ने टीम के साथ शहर फतेहाबाद और गांव माजरा की दुकानों पर छापे मारे। यहां पर बच्चों से 3500 रुपये वेतन में 11 से साढ़े 11 घंटे तक काम करवाया जा रहा रहा था। मामले में सदर पुलिस ने गांव माजरा के दो दुकानदारों और शहर पुलिस ने तीन दुकानदारों के खिलाफ जेजे एक्ट की धारा 75 व 79 व चाइल्ड लेबर एक्ट की धारा 3 और 14 के तहत मामला दर्ज किया है।
सदर पुलिस को दी शिकायत में प्रदेश संयोजक पुनीत शर्मा ने बताया कि गांव माजरा में दो दुकानों पर निरीक्षण किया गया। यहां पर तीन बच्चे मिले जिनसे बाल मजदूरी करवाई जा रही थी। कपड़े की एक दुकान पर दो बच्चे मिले, जिन्हें 4000 रुपये और 4300 रुपये वेतन पर काम करवाया जा रहा था। इसके अलावा एक फास्ट फूड की दुकान पर बच्चे से 3500 रुपये वेतन में 11 घंटे काम करवाया जा रहा था। वहीं शहर पुलिस को दी शिकायत में पुनीत शर्मा ने बताया कि रतिया चुंगी पर दुकानों का निरीक्षण किया गया। यहां पर अलग-अलग दुकानों पर तीन बच्चे मिले। एक मेडिकल दुकान पर बच्चा मिला जिससे पांच हजार रुपये प्रति माह, एक कुल्फी की दुकान पर 11 साल के बच्चे से 6000 रुपये प्रति माह और एक अन्य मामले में मिठाई की दुकान पर नाबालिग मिला जिससे आठ हजार रुपये प्रति माह वेतन पर काम करवाया जा रहा था। मामलों में सदर और शहर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।