गांव भिरडाना में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्वालु स्त्रोत आयोजक
फतेहाबाद। गांव भिरड़ाना के मुख्य बाजार में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। भक्तिमय वातावरण के बीच नागौर से पधारे कथा व्यास महंत बजरंगदास महाराज ने श्रद्धालुओं को जीवन में संस्कारों की महत्ता, कन्यादान के महत्व और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया।
महंत बजरंगदास ने कहा कि जिन माता-पिता को कन्यादान का अवसर मिलता है वे अत्यंत भाग्यशाली होते हैं। सनातन धर्म में कन्यादान को सबसे बड़ा और पुण्यदायी दान माना गया है। उन्होंने समाज से बेटियों को बेटों के समान सम्मान, सुरक्षा और अधिकार देने की अपील की। रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बेटियां अवसर मिलने पर हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं और परिवार व समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।
कथा के दौरान उन्होंने आधुनिक जीवनशैली पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज लोग धन कमाने की दौड़ में इतने व्यस्त हो गए हैं कि बच्चों के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सबसे बड़ी पूंजी धन नहीं बल्कि बच्चों को दिए गए संस्कार हैं। संस्कारवान बच्चे कठिन परिस्थितियों में भी अपने लिए सम्मानजनक भविष्य बना लेते हैं जबकि संस्कारहीनता व्यक्ति को गलत रास्ते पर ले जाती है।
महंत ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अभिभावकों से बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के मित्र बनकर ही उन्हें नशारूपी राक्षस के चंगुल से बचा सकते हैं। इस अवसर पर पूर्व सरपंच बलवंत डेलू, बिश्नोई सभा भिरड़ाना के प्रधान प्रेमकुमार सिगड़, शेर सिंह डेलू, रविन्द्र ग्रोवर, पृथ्वी सिंह पटवारी, मनफूल, लीलूराम, कृष्ण कुमार, ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और श्रद्धालु मौजूद रहे।