फतेहाबाद में हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (डीएम) डीके पांडे के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई वर्धमान राइस मिल, लांबा के संचालक शुभम कुमार की शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने डीएम पर रिश्वत मांगने और ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया था। राइस मिल संचालक से एक लाख रुपए की रिश्वत की मांग करने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने यह कार्रवाई की है।
वर्धमान राइस मिल, लांबा के संचालक शुभम कुमार ने एसीबी के महानिदेशक को शिकायत दर्ज कराई थी कि डीएम डीके पांडे पैडी मिलिंग के नाम पर उनसे प्रति कट्टा पांच रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के अनुसार, रिश्वत न देने पर पांडे उन्हें ब्लैकमेल करते थे और एक दलाल के माध्यम से धमकियां दिलवाते थे। शुभम ने 25 जनवरी 2025 को हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (एमडी) को भी इसकी शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने रिश्वत मांगने की बातचीत की मोबाइल रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत की थी।
शुभम ने आरोप लगाया कि डीएम पांडे दलालों के माध्यम से राइस मिल संचालकों से लाखों रुपये की रिश्वत वसूलते हैं और असहमति जताने वालों के खिलाफ थाने व खाद्य निगम (एफसीआई) में झूठी शिकायतें दर्ज करवाते हैं। एसीबी के हिसार कार्यालय ने शिकायत की जांच शुरू की, जिसमें भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत मिले। इसके आधार पर डीएम डीके पांडे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह को सौंपी गई है। विजिलेंस के डीएसपी जुगल किशोर ने बताया कि जांच में भ्रष्टाचार के सबूत पाए गए हैं और दलालों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।