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नहर में फेंके बेरिकेड, जेसीबी से मिट्टी व क्रेन से पत्थर हटाकर नाका लांघ गए किसान

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कृषि कानूनों का विरोध कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों ने डबवाली व सिरसा के बाद फतेहाबाद जिले के गांव भोडा होशनाक में हाईवे पर लगे नाके को भी लांघ दिया। पांच हजार से अधिक किसानों की संख्या देखकर पुलिस प्रशासन पीछे हट गया। इसके बाद किसानों ने जेसीबी से मिट्टी और क्रेन से पत्थर हटाने के बाद बेरिकेड्स को नहर में फेंक दिया। रास्ता साफ होते ही किसान दिल्ली कूच के लिए हिसार की ओर आगे बढ़ गए।
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इससे पहले फतेहाबाद डीसी डॉ.नरहरि सिंह बांगड़, पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सहित प्रशासनिक अमला रेपिड एक्शन फोर्स के साथ भोडा होशनाक नाके पर सुबह से ही पहुंचा हुआ था। प्रशासन ने इस नाके पर मिट्टी डलवाकर बेरिकेड्स लगवा दिए। वहीं, एक तरफ ट्रकों को खड़ा करके रास्ता रोक दिया गया।
दोपहर ढाई बजे पहुंचे किसान : डबवाली व सिरसा के रास्ते होते हुए किसान करीब दोपहर ढाई बजे फतेहाबाद के भोडा होशनाक नाके पर पहुंचे। ट्रैक्टर-ट्रालियां व अन्य वाहनों में पहले करीब एक हजार किसानों का जत्था आया। इसके बाद देखते-देखते किसानों की संख्या पांच हजार से अधिक हो गई। पुलिस प्रशासन द्वारा रोकने पर पहले पहुंचे किसान अपने साथियों का इंतजार करने के लिए इसी नाके के पास रूक गए। जब किसानों की संख्या पांच हजार से अधिक हो गई तो पुलिस व प्रशासन की कार्यवाही ढीली पड़ गई। इसी बीच किसानों ने मिट्टी हटाई और बेरिकेड्स हटाकर नाके को खोल दिया। कुछ बेरिकेड्स नहर में भी फेंक दिए गए। इसके बाद करीब शाम साढ़े 4 बजे के बाद पूरा जत्था हिसार की ओर रवाना हो गया। किसानों के वहां से निकलने के बाद डीसी-एसपी सहित पूरा प्रशासनिक अमला लौटा आया।
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रूट को भी किया गया डायवर्ट : पुलिस प्रशासन द्वारा वाहनों की आवाजाही के लिए रूट को भी डायवर्ट किया गया। हिसार से जाने वाली बसों को भी सावधानीपूर्वक आगे निकाला गया। दोनों तरफ ट्रक व मिट्टी से रास्ता रुकने के बाद कुछ बसों को सीधा हाईवे से भेजने की बजाय खाराखेड़ी व खासा महाजन होकर लिंक मार्गों से आगे बढ़ाया गया। इसके लिए यातायात पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए। किसान भी ट्रक, बस, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जीप व कारों में सवार होकर आए थे।
किसानों के साथ चल रहे जेसीबी, क्रेन व लोडर जैसे वाहन : खास बात यह है कि इस आंदोलन में किसान पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस व प्रशासन द्वारा नाकों पर लगाए गए बेरिकेड्स को तोड़ने, भारी पत्थर व मिट्टी आदि हटाने के लिए किसानों के काफिले में जेसीबी, क्रेन व लोडर भी चल रहे हैं। इससे रास्ता साफ करने में किसानों को आसानी हो रही है।
सर्व कर्मचारी संघ के सदस्यों ने किसानों को बांटी खाद्य सामग्री : आंदोलनकारी किसानों को हौसला बढ़ाने के लिए सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य भी भोडा होशनाक पहुंचे। एसकेएस के जिलाध्यक्ष भूपसिंह भड़ोलांवाली, सुरजीत, रामनिवास शर्मा, राजपाल मिताथल, सुमेर आर्य आदि ने बिस्कुट व अन्य खाद्य सामग्री के पैकेट किसानों में वितरित किए। कर्मचारियों ने किसानों की हौसला अफजाई करते हुए उन्हें अपना हक लेकर ही वापस लौटने के लिए प्रेरित किया।
दो घंटे बाद भी लगा रहा जाम : वाहनों की तादाद अधिक होने और रास्ते छोटे होने के कारण नाका खुलने के बावजूद दो घंटे से भी ज्यादा समय तक जाम लगा रहा। यातायात पुलिस को जाम खुलवाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फतेहाबाद से हिसार की ओर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को जाम में फंसे रहने से भारी परेशानी से जूझना पड़ा।
किसानों पर हुए अत्याचार से भाजपा सरकार का पतन निश्चित: अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक दिल्ली जा रहे किसानों पर वाटर कैनन व लाठीचार्ज करवाने वाली प्रदेश सरकार व केंद्र की भाजपा सरकार का पतन निश्चित है। जिन किसानों के लिए भाजपा नेताओं ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था, आज वही भाजपा कांग्रेस की तरह सत्ता सुख में पावर का गलत इस्तेमाल कर रही है। किसान वक्त आने पर करारा जवाब देंगे। -बलविंद्र सिंह कैरो, जिला प्रधान, इनेलो।
खाराखेड़ी व खासा महाजन के रास्ते निकाले वाहन
हाईवे बंद होने के कारण वाहनों को खाराखेड़ी व खासा महाजन के लिंक मार्गों से निकाला गया है। किसानों के काफिले में भी सैकड़ों वाहन थे इसलिए काफी समय लगा है। -हेतराम, सहायक यातायात प्रभारी।
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